मज़दूर की विधवा मुस्कान के जीवन में फिर जगी एक ‘आशा की किरण’

डेवलपर्स की लापरवाही पर भी उठाए गए सवाल

मज़दूर की विधवा मुस्कान के जीवन में फिर जगी एक ‘आशा की किरण’

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। बिहार के जिला वैशाली के बिशनपुर तलौरा निवासी मजदूर बृजगोपाल  बेंगलूरु शहर में कोथनूर उपनगर के फेज-2 के क्लासिक ऑर्चर्ड्स नं. 14 पर स्थित ‘एश्योरेंस डेवलपर्स’ नामक भवन निर्माण कंपनी में एक मजूदर के रूप में कार्यरत थे। 

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गत 27 अप्रैल 2025 को कार्यस्थल पर अपने कार्य का निर्वहन करते समय, कथित उचित सुरक्षा व्यवस्थाओं के अभाव के कारण वे एक जानलेवा दुर्घटना का शिकार हो गए। मजदूर बृजगोपाल इमारत की दूसरी मंजिल से नीचे गिर गए जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं और चिकित्सीय उपचार के बावजूद, उसी दिन रात लगभग 11:30 बजे उनकी मौत हो गई थी।

बेंगलूरु में शव का पोस्टमार्टम परीक्षण किया गया। घटना के दिन ‘एश्योरेंस डेवलपर्स’ की ओर से 6 लाख रुपए की अनुदान राशि का चेक तथा बकाया वेतन, शव के परिवहन और अंतिम संस्कार आदि के मद में नगद राशि मृतक की पत्नी मुस्कान को दे दी गई। मुस्कान ने अपने पति का अंतिम संस्कार करने के बाद निश्‍चित तिथि पर चेक को बैंक में डाला तो वह बाउंस (अनादरित) हो गया। 

अब चेक को बाउन्स हुए लगभग एक साल हो गया है। युवा मृतक बृजलाल के परिजनों के कथनानुसार उन्होंने डेवलपर्स से अपने स्तर पर चेक के बदले राशि पाने या चेक को आनर कराने के लिए कई बार सम्पर्क करने की कोशिश की लेकिन सभी कोशिशें नाकाम रहीं। 

इस पूरे मामले की जानकारी जब कर्नाटक बिहारी समाज बेंगलूरु उत्तर के अध्यक्ष रामशंकर सिंह को मालूम हुई और उन्होंने इस मामले में अपनी ओर से गहराई से पता लगाया तो पता चला कि मृतक के परिवारजनों को अभी तक न्याय नहीं मिला है और दिया गया 6 लाख रुपए का चेक भी बाउंस हो गया है तो उन्हें बेहद वेदना हुई। 

उन्होंने बिहार मूल के मृतक मजूदर बृजगोपाल की पारिवारिक स्थिति की जानकारी ली तो पाया कि पति के आकस्मिक निधन के बाद उनकी पत्नी मुस्कान जीवन यापन के लिए काफी कष्ट उठा रही हैं। उसको चार वर्ष का एक पुत्र भी है।

रामशंकर सिंह ने कर्नाटक बिहारी समाज के संस्थापक उदय कुमार सिंह के साथ मिलकर इस मामले की शिकायत पुट्टनहल्ली पुलिस थाने में की और पुलिस केस को फिर से खोलने की अपील की। समाज के साथ मिलकर मुस्कान ने अपनी शिकायत में पुलिस को इस केस में एश्योरेंस डेवलपर्स’ के विरुद्ध एफआईआर करने की मांग की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पुन: प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। 

समाज के पदाधिकारियों के साथ मिलकर मुस्कान ने बन्नरघट्टा रोड स्थित श्रम आयुक्त कार्यालय में भी इस मामले की शिकायत दर्ज करा कर न्याय की अपील की है।

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