एसआरएम ग्लोबल हॉस्पिटल्स ने गैस्ट्रो एंड लिवर साइंसेज संस्थान लॉन्च किया
देश में लिवर की बीमारियां काफी आम होती जा रही हैं।
इन जटिलताओं में इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज, फैटी लीवर, पैंक्रियाटिक कैंसर और कोलोनिक कैंसर शामिल हैं
चेन्नई/दक्षिण भारत। एसआरएम ग्लोबल हॉस्पिटल्स ने अपने इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रो एंड लिवर साइंसेज के लॉन्च की घोषणा की। इस संस्थान को शुरू करने का मकसद लिवर और गैस्ट्रो संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
एसआरएम ग्लोबल हॉस्पिटल्स के अध्यक्ष डॉ. पी सत्यनारायणन ने कहा कि वे इस पहल को लेकर खुश हैं। यह अत्याधुनिक चिकित्सा बुनियादी ढांचे के माध्यम से रोगियों को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के उनके निरंतर मिशन का एक हिस्सा है।
लिवर ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. जॉय वर्गीज ने कहा कि एसआरएम हॉस्पिटल्स ने मेडिसिन के विभिन्न क्षेत्रों में अच्छी गुणवत्ता वाली देखभाल सुविधा प्रदान करने के लिए बड़ा नाम कमाया है। इस संस्था को जोड़ने से उन्हें गैस्ट्रो और लिवर की बीमारियों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के कार्य में उत्कृष्टता प्राप्त करने की अपनी आकांक्षा को साकार करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि संस्थान लिवर या गैस्ट्रो संबंधी जटिलताओं के लिए विशेष देखभाल की आवश्यकता वाले लोगों को उच्च गुणवत्ता वाला उपचार प्रदान करने का प्रयास करेगा, जबकि उन लोगों की मदद करेगा, जो बीमारियों का इलाज नहीं करा सकते हैं।
डॉ. वर्गीस ने कहा कि संस्थान में प्रदान की जाने वाली सेवाओं में डायग्नोस्टिक और चिकित्सीय अपर जीआई एंडोस्कोपी, बिलीरी प्लास्टिक स्टेंट प्लेसमेंट और एसईएमएस प्लेसमेंट, डायग्नोस्टिक और चिकित्सीय लोअर जीआई एंडोस्कोपी और अन्य शामिल हैं।
डॉ. वर्गीस और उनकी टीम भी विशेषज्ञों की एक टीम को एक साथ रखकर उन्हें लिवर की देखभाल, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, गहन और आपातकालीन लिवर और गैस्ट्रो केयर, प्रत्यारोपण के तौर-तरीकों और विशेष नर्सिंग देखभाल के सर्वोत्तम अभ्यासों में प्रशिक्षित करेगी।
एसआरएम मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के फैकल्टी (गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी) डॉ. राजेश ने कहा कि देश में लिवर की बीमारियां काफी आम होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन जटिलताओं में इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज, फैटी लीवर, पैंक्रियाटिक कैंसर और कोलोनिक कैंसर शामिल हैं।
इन बीमारियों के लिए विभिन्न कारण जिम्मेदार हैं, इनमें जीवनशैली में बदलाव से लेकर गलत खान-पान तक शामिल हैं। इन बीमारियों के इलाज में काफी मेहनत लगती है। उन्होंने कहा कि पेशेवर देखभाल प्रदान करने की जरूरत है। संस्थान की स्थापना उस दिशा में एक कदम है।
एसआरएम ग्लोबल हॉस्पिटल्स के सीओओ डॉ. वीपी चंद्रशेखर ने कहा कि फैटी लिवर जैसी जटिलताओं को दूर करने के लिए प्रभावी रणनीति सही जीवन शैली और स्वस्थ आहार का पालन करना है। खान-पान की गलत आदतों को दूर करने से स्वास्थ्य से जुड़ीं बहुत सी जटिलताओं को दूर रखा जा सकता है।
इस अवसर पर एसआरएम की अतिरिक्त रजिस्ट्रार डॉ. मैथिली और अन्य लोग मौजूद थे।
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