कोरोना को हराने के लिए मैदान में 98 साल की दादी मां, रोज सिलाई कर मुफ्त बांट रहीं मास्क

कोरोना को हराने के लिए मैदान में 98 साल की दादी मां, रोज सिलाई कर मुफ्त बांट रहीं मास्क

नई दिल्ली/भाषा। कोरोना संकट में मास्क पहनना बहुत जरूरी हो गया है लेकिन कुछ लोगों के पास मास्क खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। ऐसे में 98 वर्ष की गुरदेव कौर हर दिन अपने परिवार के साथ मिलकर ढेरों मास्क सिलती हैं और फिर उन्हें गरीबों में बांट देती हैं।

पंजाब के मोगा शहर में अकालसर रोड पर रहने वाली गुरदेव कौर धालीवाल की एक आंख की रोशनी धुंधला चुकी है और दूसरी आंख का भी 25 वर्ष पहले ऑपरेशन कराया था। कांपते हाथों से वह 100 साल पुरानी मशीन पर जब मास्क बनाने बैठती हैं तो मानवता की सेवा के अलावा उन्हें और कुछ याद नहीं रहता।

इस मुश्किल समय में लोगों को अपने घरों में रहने और सरकार द्वारा बताए गए नियमों का पालन करने की सलाह देते हुए गुरदेव कौर कहती हैं, ‘बीमारी से बच सकते हो तो बचो। सरकार जो कुछ कहती है, हमारी भलाई के लिए कहती है। अपने घरों में रहो, भगवान का नाम लो और अगर किसी की मदद कर सकते हो तो जरूर करो।’

मास्क बनाने के सिलसिले की शुरूआत के बारे में पूछने पर गुरदेव कौर बताती हैं, ‘गली में सब्जी, दूध, फल बेचने के लिए आने वालों से जब मैंने पूछा कि उन्होंने मास्क क्यों नहीं पहना तो उन्होंने बताया कि उनके पास मास्क खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। यह भी कहा जा रहा था कि बीमारी से बचना है तो मास्क पहनना जरूरी है। मुझे मास्क बनाने आते थे। मैंने 100 साल पुरानी मशीन जो मेरे ससुरालवाले सिंगापुर से लाए थे, वह निकाली और मास्क सिलने शुरू कर दिए।’

गुरदेव कौर की बहू अमरजीत कौर बताती हैं कि उनकी सास की एक आंख में रोशनी नहीं है, चलने के लिए उन्हें वॉकर का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन उनका सेवाभाव देखकर हमारा भी हौसला बढ़ता है। वे सुबह पूजा करने के बाद मास्क की सिलाई के काम में लग जाती हैं और कई बार बिना रुके आठ घंटे तक मशीन पर उनके हाथ चलते रहते हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने गुरदेव कौर के जज्बे को सलाम करते हुए उनके सेवाभाव की सराहना की और उन्हें कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सबसे बहादुर यौद्धा करार दिया।

अमरजीत कौर ने बताया कि उनका परिवार पिछले तीन सप्ताह में दो हजार से अधिक मास्क बनाकर लोगों में वितरित कर चुका है। अब आसपास के लोगों को पता चल गया है तो लोग मास्क लेने के लिए आने लगे हैं। इसके अलावा कुछ लोग इस सेवा कार्य में योगदान देने के लिए कपड़ा भी दे जाते हैं। परिवार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को मास्क देकर कोरोना से बचाया जाए।

Google News
Tags:

About The Author

Post Comment

Comment List

Advertisement

Latest News

इस बार तृणकां और इंडि वालों के बड़े-बड़े किले ध्वस्त होने वाले हैं: मोदी इस बार तृणकां और इंडि वालों के बड़े-बड़े किले ध्वस्त होने वाले हैं: मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि सीपीएम और तृणकां ... पार्टियां दो, दुकान एक, सामान भी एक
'अग्निवीर': राहुल के बयान पर तेजस्वी सूर्या का जवाब- 'जिन्होंने अपने पूरे जीवन में .. एक भी दिन ...'
एसआईटी तय करेगी कि प्रज्ज्वल को कहां गिरफ्तार किया जाए: डॉ. जी परमेश्वर
बांग्लादेशी सांसद के मामले में जासूसी विभाग के प्रमुख ने किए कई बड़े खुलासे
इंडि गठबंधन भ्रष्टाचारियों का जमावड़ा है: नड्डा
कर्नाटक: बीवाई विजयेंद्र बोले- कांग्रेस सरकार की एक साल की उपलब्धियां शून्य हैं
चुनाव नतीजों में विपक्षी दलों के उम्मीदवारों की जमानतें जब्त हो जाएंगी: रवि किशन