अब प्रयागराज की मस्जिद में मिले 37 लोग, सात इंडोनेशियाई शामिल

अब प्रयागराज की मस्जिद में मिले 37 लोग, सात इंडोनेशियाई शामिल

नौ लोग ऐसे हैं जो निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात में शामिल हुए थे

प्रयागराज/भाषा। कोरोना वायरस के कारण देशभर में जारी बंद के बीच मंगलवार को काटजू रोड स्थित शेख अब्दुल्ला मस्जिद में 37 लोग मिले हैं जिनमें इंडोनेशिया के सात नागरिक भी शामिल है। इन्हें जॉर्ज टाउन स्थित कमला भवन में पृथक् रखा गया है।

Dakshin Bharat at Google News
पुलिस अधीक्षक (नगर) बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शेख अब्दुल्ला मस्जिद में स्थित मुसाफिरखाना में ये लोग 22 मार्च से ठहरे थे जिसमें से नौ लोग ऐसे हैं जो दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात में शामिल हुए थे।

उन्होंने बताया कि तबलीगी जमात में शामिल लोग ट्रेन से 22 मार्च को प्रयागराज आए और इस मस्जिद में ठहरे। मस्जिद के प्रबंधक ने पुलिस और प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं दी, इसलिए मस्जिद के प्रबंधक वसीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

उन्होंने बताया कि मरकज में बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने का खुलासा होने और इनमें प्रयागराज के लोगों के भी शामिल होने की बात सामने आने पर पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है।

https://platform.twitter.com/widgets.js

उन्होंने बताया कि मंगलवार देर शाम जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी, एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एडीएम (शहर) अशोक कनौजिया सहित कई अधिकारी पुलिस बल और डॉक्टरों की टीम के साथ शेख अब्दुल्ला मस्जिद पहुंचे, जहां इन 37 लोगों को ठहरे हुए पाया गया।

उन्होंने बताया कि इन लोगों में केरल और पश्चिम बंगाल से एक-एक व्यक्ति शामिल है। पुलिस ने एहतिहात के तौर पर अन्य धार्मिक स्थल, धर्मशाला और होटलों में भी तलाशी शुरू कर दी है।

Tags:

About The Author

Dakshin Bharat Android App Download
Dakshin Bharat iOS App Download

Latest News

गोबर-गोमूत्र का उपहास क्यों? गोबर-गोमूत्र का उपहास क्यों?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम में गोमूत्र के बारे में जो टिप्पणी की, उसमें सत्य नहीं,...
अमेरिका-इज़राइल के हमलों में 414 महिलाएं और बच्चे मारे गए: ईरान
आईआरजीसी का दावा- कुवैत में सैन्य बेस पर हमले में कम से कम 100 अमेरिकी सैनिक घायल
ईरान ने अमेरिका-इज़राइल के हमलों में मारे गए सैन्य कमांडरों को अंतिम विदाई दी
एकजुट होकर चुनौती का सामना करें
स्टालिन ने पश्चिम एशिया में फंसे तमिलों की सुरक्षित निकासी और रसोई गैस की कमी को लेकर मोदी को पत्र लिखा
अमेरिकी और इज़राइली ठिकानों के खिलाफ ऑपरेशन 'ट्रू प्रॉमिस 4' की सबसे तीव्र लहर शुरू