कर्नाटक: शिवकुमार और कुमारस्वामी के बीच किस बात को लेकर छिड़ा वाक् युद्ध?

मुख्यमंत्री सिद्दरामैया ने कहा कि उन्हें इस मुद्दे की जानकारी नहीं है, क्योंकि ...

कर्नाटक: शिवकुमार और कुमारस्वामी के बीच किस बात को लेकर छिड़ा वाक् युद्ध?

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि इस कदम का उद्देश्य ‘अवैध या बेनामी संपत्तियों’ को नियमित करना हो सकता है

मैसूरु/भाषा। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को कहा कि अब रामनगर का पूरा जिला, बेंगलूरु का हिस्सा है और इसके चार तालुका के निवासी बेंगलूरुवासी हैं।

रामनगर जिले को बेंगलूरु में शामिल करने को लेकर जारी खींचतान के बीच जनता दल (सेक्युलर) के नेता कुमारस्वामी और कांग्रेस नेता शिवकुमार के बीच वाक् युद्ध छिड़ गया है।

शिवकुमार इस क्षेत्र से हैं और जिले के कनकपुरा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

शिवकुमार ने कहा कि उनके पास रामनगर जिले को बेंगलूरु के अंतर्गत लाने की एक योजना और एक खाका है, तथा वे आने वाले दिनों में इसका खुलासा करेंगे।

वहीं, मुख्यमंत्री सिद्दरामैया ने कहा कि उन्हें इस मुद्दे की जानकारी नहीं है, क्योंकि शिवकुमार ने इस संबंध में उनसे चर्चा नहीं की है।

जिले के रामनगर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने शिवकुमार पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि इस कदम का उद्देश्य ‘अवैध या बेनामी संपत्तियों’ को नियमित करना हो सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि शिवकुमार को यह समझना चाहिए कि ‘सात जन्म लेने के बाद भी कोई रामनगर जिले को विभाजित नहीं कर सकता है।’

जब अगस्त 2007 में रामनगर जिला बनाया गया था, तब कुमारस्वामी जद (एस)-भाजपा गठबंधन के मुख्यमंत्री थे। जिले में - रामनगर, चन्नापटना, मगदी और कनकपुरा तालुक शामिल हैं।

शिवकुमार ने कहा, ‘पूरा रामनगर जिला बेंगलूरु का हिस्सा है। मगदी, चन्नापटना, कनकपुरा और रामनगर - बेंगलूरु हैं। इस योजना को क्या आकार देना है, मैं इसके बारे में आने वाले दिनों में बताऊंगा।’

उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘इसे आकार देने की इतनी जल्दी नहीं है, हम आने वाले दिनों में इसे आकार देंगे, इसके लिए एक खाका तैयार है।’

कुमारस्वामी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वैज्ञानिक तरीके से विचार करने और लोगों को होने वाले फायदे और नुकसान की जांच करने के बाद रामनगर जिले का गठन किया गया था।

शिवकुमार पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा, ‘उनके दिमाग में क्या चल रहा है? क्या यह कनकपुरा में सोने जैसी कीमती जमीनें लूटना और उन्हें बिल्डरों को सौंपना है? या बेनामी जमीनों पर किला बनाना है, जिन पर पहले से ही बाड़ लगाई जा चुकी है? अगर आप (शिवकुमार) हमें बताएं, तो हम आभारी रहेंगे।’

शिवकुमार ने कहा, ‘मुझे इस बात की परवाह नहीं है कि कुमारस्वामी क्या कहते हैं, मैं क्या करता हूं या सरकार क्या करती है यह महत्वपूर्ण है। कुमारस्वामी या किसी और को रामनगर को जिला बनाने का श्रेय लेने दें। चार तालुकों वाला पूरा रामनगर जिला बेंगलूरु के अंतर्गत आता है।’

रामनगर जिले को तत्कालीन बेंगलूरु ग्रामीण जिले से अलग करके बनाया गया था।

इस क्षेत्र से ताल्लुक रखने का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने कहा, ‘हम रामनगर, मगदी, चन्नापटना और कनकपुरा के निवासी बेंगलूरुवासी हैं और बेंगलूरु हमारा है, हम बेंगलुरु का हिस्सा हैं।’

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