maha shatavdhan by balmuni ji
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बेंगलूरु/दक्षिण भारत। शहर के अक्कीपेट स्थित वासुपूज्य स्वामी जैन संघ में चातुर्मासार्थ विराजित आचार्यश्री नयचंद्रसागरसूरीश्वरजी एवं महाशतावधानी मुनिश्री अजितचंद्रसागरजी म.सा. की प्रेरणा से महाशतावधान आयोजक समिति और अक्कीपेट संघ के तत्वावधान में ‘महाशतावधान महोत्सव’ का आयोजन 2 सितंबर को पैलेस ग्राउंड में किया जाएगा।

शतावधान शब्द शत और अवधान दो शब्दों के संयोजन से बना है। शत मतलब सौ और अवधान का मतलब याद रखना। अलग-अलग लोगों से किसी एक सभा में पूछे गए सौ सवालों का उसी क्रम में जवाब देना- शतावधान कहलाता है।

इस बार इस आयोजन में बालमुनि श्री पद्मप्रभचंद्रसागर द्वारा रविवार को 200 प्रश्नों के उत्तर दिए जाएंगे। इस कार्यक्रम को लेकर पूरे बेंगलूरु में उत्साह व कौतूहल का माहौल बना हुआ है। सभी लोग इस हैरतअंगेज उपलब्धि के साक्षी बनना चाहते हैं। इस आयोजन को लेकर संघ व समिति की विभिन्न बैठकों का दौर चल रहा है।

आयोजन समिति के चेयरमैन पारस भंडारी ने बताया कि लोगों में इस कार्यक्रम को लेकर विशेष उत्साह है और पूरे शहर में विभिन्न धार्मिक स्थलों से प्रवेश पत्रों का विवरण चालू है। प्रचार—प्रसार की जिम्मेदारी सज्जनराज मेहता और कैलाश संकलेचा, धार्मिक स्थलों पर प्रचार प्रसार हेतु गौतम सोलंकी, भोजन समिति में महेंद्र रांका और जीवराज जैन, सेवा कार्यकर्ता समिति में दिनेश हक्कानी, गौतम जैन, ललित जैन, विशेष अतिथियों के आमंत्रण समिति की जिम्मेदारी प्रकाश मांडोत, रमेश मेहता को सौंपी गई है।

अक्कीपेट जैन संघ के अध्यक्ष उत्तमकरण मेहता ने बताया कि दक्षिण भारत में प्रथम बार आयोजित होने वाले इस महाशतावधान कार्यक्रम में सभी लोग आमंत्रित हैं। बुधवार को कर्नाटक स्टेट लेंड कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक व प्रशासनिक अधिकारी मुकेश जैन ने संतों के दर्शन किए तथा महाशतावधान के बारे में जानकारी हासिल की।

अक्कीपेट संघ के अध्यक्ष उत्तमकरण मेहता, कैलाश संकलेचा, देवकुमार जैन व भरत पालेचा ने मुकेश जैन को कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया।

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