डिप्रेशन का एक दौर आपके लिए शुभ भी हो सकता है, एक प्रमुख मनोचिकित्सक ने यह दावा किया है। लंदन के एक मनोचिकित्सा संस्थान के विशेषज्ञ डॉ. पॉल कीडवेल कहते हैं कि डिप्रेशन से गुजर रहे व्यक्ति के लिए कठिनाइयां पैदा हांेगी, उसे बहुत नाजुक दौर से गुजरना प़डेगा किन्तु इस दौर से गुजरने के बाद वह एक अधिक दृ़ढ व कठिनाइयों से जल्द उबरने की क्षमता से युक्त व्यक्ति के रूप में जाना जाएगा। उनका यह भी मानना है कि इससे व्यक्ति में सृजनात्मकता का भी सृजन हो सकता है।गौरतलब है कि डिप्रेशन के प्रति डॉक्टरों व दवा कंपनियों के रूखों पर सवालिया निशान लगता रहा है कि ये रोगियों को डिप्रेशन का शिकार बताने में जल्दबाजी दिखाते हैं तथा फिर इसका प्रायः हानिकारक दवाओं के साथ महंगा इलाज करते हैं। अधिकारिक आंक़डे बताते हैं कि तकरीबन २५ प्रतिशत लोग अपने जीवन में कभी न कभी डिप्रेशन का शिकार होते हैं। ब्रिटेन में पिछले वर्ष करीब सवा तीन करो़ड लोगों को डिप्रेशन के शिकार के रूप में डायग्नोस किया गया। अर्थशा्त्रिरयों का अनुमान है कि ब्रिटेन को प्रतिवर्ष करीब १७ अरब पौंड का नुकसान डिप्रेशन के कारण होने वाले मानव दिवसों की हानि व उत्पादकता में होने वाले कमी के कारण उठाना प़डता है।डॉ. पॉल कीडवेल ने यह भी बताया कि मानव का इस मनःस्थिति के साथ हजारों वर्षों पुराना नाता है और संभव है इसने मानव के इवोल्यूशन (उद्विकास) में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो। लोग इसे एक डिफेक्ट के रूप में देखते हैं जबकि मैं इसे डिफेन्स मेकानिज्म के रूप में देखता हूं। नीदरलैंड में हाल में हुए एक शोध में भी यह निष्कर्ष सामने आया कि उन लोगों ने सामान्य लोगों की तुलना में अपनी समस्याओं के साथ बेहतर ढंग से निपटा जो डिप्रेशन के दौर से उबर चुके थे। हालांकि सभी के साथ ऐसा नहीं हुआ। डिप्रेशन के शिकार कुछ लोगों की स्थिति और भी खराब हो गई, खासकर ऐसे लोगों की जो एकाकी रहे या फिर शराब या ड्रग्स की लत के शिकार हो गए।

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