नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार के समक्ष सोमवार को सवाल ख़डा किया कि जो व्यक्ति खुद चुनाव नहीं ल़ड सकता वह राजनीतिक पार्टी कैसे बना सकता है और चुनाव ल़डने के लिए पार्टी उम्मीदवार का चयन कैसे कर सकता है? मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली पीठ ने उस वक्त यह सवाल ख़डा किया जब केंद्र सरकार ने कहा कि दोषी पाए जाने पर कोई व्यक्ति चुनाव भले ही नहीं ल़ड सकता है, लेकिन वह पार्टी का गठन कर सकता है। न्यायालय ने कहा कि जो व्यक्ति खुद चुनाव नहीं ल़ड सकता, वह दूसरे को उम्मीदवार के तौर पर कैसे ख़डा कर सकता है?शीर्ष अदालत ने भारतीय जनता पार्टी नेता अश्विनी उपाध्याय की याचिका की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार को इस मामले पर दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। केंद्र सरकार का कहना है कि जो भी नेता दोषी ठहराए गए हैं, उन्हें पार्टी का गठन करने से रोकने का कोई कानून नहीं है। सरकार ने कहा कि अपराध साबित होने के बाद नेता चुनाव नहीं ल़ड सकते हैं। केंद्र सरकार का जवाब सुनने के बाद न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि यह अलग तरह की स्थिति है कि कोई व्यक्ति खुद तो चुनाव मैदान में उतर नहीं सकता, लेकिन वह चुनाव ल़डने के लिए उम्मीदवारों का चयन कर सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अगर स्कूल या कोई दूसरी संस्था बनाते हैं तो इसमें किसी भी तरीके की कोई समस्या या परेशानी नहीं, लेकिन वह एक पार्टी बना रहे हैं जो सरकार चलाएगी, यह बात निश्चित तौर पर विचारणीय है।

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