बेंगलूरु/दक्षिण भारतकेंद्रीय सांख्यिकी एवं योजना क्रियान्यवन मंत्री डीवी सदानंद गौ़डा ने मंगलवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर राहुल के बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियों की बात करना भी समय खराब करने जैसी बात है। वह किसी भी मुद्दे पर टिप्पणी करने से पहले उसका न तो अध्ययन करते हैं और न ही पूरी जानकारी हासिल करते हैं्। सदानंद गौ़डा ने कहा, ’’राहुल गांधी के बारे में कोई टिप्पणी करना उचित नहीं है, यह समय की बर्बादी ही होगी।’’उन्होंने कहा कि राहुल किसी भी मामले की गहन जानकारी हासिल किए बगैर ही उसके बारे में बात करने लगते हैं। जो कुछ भी उनके दिमाग में आता है, वही कह देते हैं। नतीजतन उन्हें बार-बार अपने ही बयान से मुकरना प़डता है। वह मंगलवार को यहां पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। पत्रकारों ने उनसे पूछा था कि क्या राहुल गांधी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय के बारे में दिए गए अपने बयान से पीछे हटना चाहते हैं? राहुल गांधी ने दावा किया था कि कार्तिकेय का नाम पनामा पेपर लीक में आया था। वहीं, कार्तिकेय ने मंगलवार को ही राहुल गांधी के खिलाफ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की एक अदालत में अपने खिलाफ जान बूझकर झूठा आरोप लगाने का मामला दर्ज करवाया है। उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने सोमवार को मध्य प्रदेश के झाबुआ में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कार्तिकेय सिंह के खिलाफ आरोप लगाया था। वहीं, बाद में उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ तो उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि उन्हें ’’गलतफहमी’’ हो गई थी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के पुत्र का पनामा पेपर्स से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने दावा किया मुख्यमंत्री, जिन्हें प्रदेश के लोग ’’मामाजी’’ के नाम से बुलाते हैं, उनके बेटे का नाम भारत में कर चोरी करने वालों की एक सूची में आया था लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह स्पष्ट था कि वह शिवराज सिंह चौहान पर ही निशाना साध रहे थे क्योंकि मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह को लोग मामा के नाम से भी पुकारा करते हैं। राहुल ने अपने बयान में कहा था, ’’एक तरफ तो ’’चौकीदार’’ (शायद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) हैं और दूसरी तरफ ’’मामाजी’’ हैं। इन मामाजी के बेटे का नाम पनामा पेपर्स में आया है।’’ राहुल ने इसके साथ ही जो़डा था, ’’पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का नाम भी इसी पनामा पेपर्स में आया था। पाकिस्तान जैसे देश के प्रधानमंत्री को इस मामले में जेल की हवा खानी प़डी। वहीं, भारत में एक मुख्यमंत्री के बेटे का नाम पनामा पेपर्स में आने के बावजूद उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।’’वहीं, ३ नवंबर को कर्नाटक में प्रस्तावित लोकसभा और विधानसभा उप चुनावों के बाद राज्य के राजनीतिक माहौल में होने वाले संभावित बदलावों के बारे में पूछे गए एक प्रश्न का सीधा उत्तर देने से बचते हुए सदानंद गौ़डा ने कहा कि ६ नवंबर को उप चुनाव के नतीजों की घोषणा होने तक इसके उत्तर का इंतजार करना होगा। बहरहाल, वह इस बात का पूरा विश्वास जताने से नहीं चूके कि भाजपा को तीन लोकसभा और दो विधानसभा सीटों पर शत प्रतिशत सफलता मिलेगी। तीन लोकसभा सीटों पर भाजपा की जीत तो बिल्कुल स्पष्ट है। वहीं, दो विधानसभा सीटों पर तग़डी टक्कर है। यहां जीत-हार की संभावना ५०-५० के अनुपात में नजर आ रही है। किसी भी दल को इन सीटों पर जीत मिल सकती है। उन्होंने कहा, ’’उप चुनाव के नतीजे सबके लिए चौंकाने वाले हो सकते हें्। अगर हम (भाजपा) सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज करते हैं तो मुझे हैरत नहीं होगी।’’

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