चेन्नई/दक्षिण भारतराष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने शनिवार को मद्रास विश्वविद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि यह देश के लिए एक ‘प्रतिमान’’ है और लोग मार्गदर्शन तथा नेतृत्व के लिए इस तरह के संस्थानों की ओर देखते हैं। कोविन्द ने यहां मद्रास विश्वविद्यालय के १६० वें दीक्षांत समारोह में अपने संबोधन में कहा, हमारा देश अवसरों और रोबोटिक्स, जीनोमिक्स तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता की चौथी औद्योगिक क्रांति की चुनौतियों का लाभ उठाना चाहता है। उन्होंने कहा, २१ वीं सदी की शुरुआत में हम मार्गदर्शन और नेतृत्व के लिए इस तरह के संस्थानों की ओर देखते हैं। यह भारत के लिए एक रोमांचक अध्याय है। राष्ट्रपति ने कहा कि देश में किसी अन्य विश्वविद्यालय के पास इसके जैसा यह गौरव प्राप्त नहीं है कि छह पूर्व राष्ट्रपतियों ने वहां से प़ढाई की हो। कोविन्द ने कहा, राष्ट्रपति भवन में सर्वोच्च पद पर पहुंचने से पहले एस राधाकृष्णन, वीवी गिरि, नीलम संजीव रेड्डी, आर वेंकटरमन, केआर नारायणन तथा एपीजे अब्दुल कलाम, इन सभी ने यहां प़ढाई की थी। उन्होंने कहा कि प्रथम गवर्नर जनरल सी राजगोपालाचारी भी इस अग्रणी विश्वविद्यालय के छात्र रहे थे। उन्होंने उल्लेख किया कि तमिलनाडु के पास विशुद्ध विज्ञान, औषधि, अभियांत्रिकी और विनिर्माण में अनुंसधान एवं नवोन्मेष की गौरवशाली संस्कृति है। कोविन्द ने कहा, राज्य में एक अच्छा खासा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र है और यहां डिजिटल अर्थव्यवस्था ब़ढ रही है। राष्ट्रपति ने नए स्नातकों को उपाधियां प्रदान करने के बाद कहा, ये मानविकी में उत्कृष्टता से परिपूर्ण हैं्। यह कोई आश्चर्य नहीं है कि तमिल भाषा विश्व की सबसे प्राचीन भाषाओं में शामिल है। दक्षिण क्षेत्र में मदर ऑफ यूनिवसिर्टीज के नाम से मशहूर मद्रास विश्वविद्यालय की प्रशंसा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, यह वास्तव में एक महान संस्थान है।उन्होंने कहा कि मौलिक मूल्यों को अक्षुण्ण रखते हुए परिवर्तन को आत्मसात करने के मद्रास विश्वविद्यालय के कौशल ने छात्रों और समाज की उभरती आवश्यकताओं को समकालीन और प्रासंगिक बनाए रखने में इसकी मदद की है। राष्ट्रपति ने आगे और भी मुकाम हासिल करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय को शीर्ष विद्यार्थियों तथा संकाय के लिए प्रतिस्पर्द्धी बने रहना चाहिए। उन्होंने २० प्रतिष्ठित संस्थानों के क्षमता निर्माण के जरिए उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता को ब़ढावा देने के लिए केंद्र के कार्यक्रम का संदर्भ देते हुए कहा, मुझे बताया गया है कि मद्रास विश्वविद्यालय ने इस संबंध में एक महत्वाकांक्षी और विस्तृत योजना तैयार की है। मैं आपको शुभकामनाएं देता हूं्।कोविन्द ने स्नातकों और उनके माता-पिता को राष्ट्रपति भवन आने का भी न्योता दिया। राष्ट्रपति ने बाद में यहां गुरु नानक कॉलेज स्नातक दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता की और गुरु अमरदास ब्लॉक तथा शहीद बाबा दीप सिंह सभागार का उद्घाटन किया।हर रोज ७०० छात्रों को नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराने वाले ‘लंगर’’ के लिए कॉलेज की प्रशंसा करते हुए कोविन्द ने कहा, तमिलनाडु एक ऐसा राज्य है जिसने भारत को स्कूलों में मध्याह्न भोजन का विचार दिया। उन्होंने कहा कि कॉलेज स्तर पर मध्याह्न भोजन अद्वितीय है।

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