जयपुर। एक जाबांज कांस्टेबल सीताराम इन दिनों देश भर की तारीफ लूट रहा है। इस बहादुर कांस्टेबल के चर्चे सिर्फ उस साथ करने वाले उसके साथी पुलिसकर्मी और अधिकारी ही नहीं बल्कि देशभर के तमाम आईपीएस अधिकारी भी कर रहे हें। कांस्टेबल सीताराम ने कुछ दिनों पहले ही सिर्फ एक गोली चलाकर जयपुर के एक्सिस बैंक में घटने जा रही देश की सबसे ब़डी डकैती की कोशिश विफल कर दी। जिस लुटेरों ने बैंक पर धावा बोला था उस समय बैंक में ९२५ करो़ड रुपए थे। राजस्थान पुलिस के साथ देश के सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में से एक भारतीय पुलिस सेवा(आईपीएस) के अधिकारी भी कांस्टेबल के तारीफ में कशीदे गढ रहे हैं। पुलिस आयुक्त ने तो इस जांबाज कांस्टेबल की बहादुरी के लिए उसे बहादुरी का पुरस्कार देने की सिफारिश भी की है।देश के आईपीएस अधिकारियों के संघ आईपीएस एसोसिएशन ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक ट्वीट के जरिए इस कांस्टेबल की प्रशंसा की है। जयपुर पुलिस के कांस्टेबल सीताराम की बहादुरी का जिक्र करते हुए लिखा गया है ‘सीताराम आपने क्या दिमागी तत्परता और अविश्वसनीय साहस दिखाया है कि इससे वीरता के उत्तराधिकारी बन गए हो। आपने न केवल ब़डी राशि को बचाया बल्कि तुम एक हीरो बन गए हो और हम में से हर एक को गर्व है। हमारी ओर से आपको शुभकामनाएं हैं।‘इतना ही प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजेे ने आईपीएस एसोसिएशन के इस ट्विट को रि-ट्वीट कर कांस्टेबल सीताराम को बधाई और शाबाशी दी है। आईपीएस एसोसिएशन भारत के प्रधानमंत्री के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट,प्रदेश की मुख्यमंत्री और गृह मंत्रालय के आधिकारिक ट्विट हैंडल पर भी अपनी इस ट्विट को टैग किया था। ज्ञातव्य है कि शुक्रवार देर रात करीब २ बजकर २८ मिनट पर एक इनोवा में सवार होकर जयपुर के सी-स्कीम में रमेश मार्ग पर स्थित एक्सिस बैंक की चेस्ट ब्रांच पर धावा बोला था। लुटेरों ने बैंक के सुरक्षा गार्ड प्रमोद के सिर पर रिवॉल्वर तानकर उसे बंधक बना लिया।उस समय पुलिस कांस्टेबल सीताराम ड्यूटी पर तैनात थे और उन्होंने हल्ला सुनकर बैंक के भीतर की खि़डकी से झांककर देखा तो उसे कुछ बदमाश नजर आए। इसके बाद उसने हिम्मत दिखाई और अपनी बंदूक से फायरिंग कर दी। इससे नकाबपोश बदमाशों में ह़डकंप मच गया। वह सिर्फ २ मिनट ही बैंक में रह सके और उन्हें खाली हाथ भागने के लिए मजबूर होना प़डा। कांस्टेबल सीताराम की सूझबूझ और बहादुरी के कारण बैंक में रखे करीब ९२५ करो़ड रूपए की लूट बच गई।घटना की जानकारी मिलते ही जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। लुटेरों की जानकारी प्राप्त करने के लिए सीसीटीवी के फुटेज की जांच की गई। फुटेज की जांच के बाद पुलिस को बदमाशों का हुलिया चता चला। इसके साथ ही वारदात को अंजाम देने के लिए उपयोग में लाई गई नागौर नंबर की इनोवा कार के बारे में जानकारी मिली कि उसे आखिरी बार कलेक्ट्रेट सर्किल पर देखा गया था। हालांकि प्रमुख रास्तों पर लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों में ना ही बैंक लूटने आए बदमाश नजर आए और न उनकी कार। पुलिस आयुक्क्त संजय अग्रवाल और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रफुल्ल कुमार की देखरेख में मामले की जांच हो रही है और सुराग जुटाने की कवायद जारी है।

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