बेंगलूरु। मुख्यमंत्री सिद्दरामैया ने बुधवार को अपने निकटस्थ और गृहमंत्री के सलाहकार पूर्व आईपीएस कैम्पैया का बचाव किया जिन पर हनुमान जयंती रैली को लेकर मैसूरु के हुंसूर का अशांत करने का आरोप लगाया गया है। हंुसूर में ही भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा को गिरफ्तार किया गया था। सिम्हा ने आरोप लगाया था कि मैसूरु पुलिस अधीक्षक रवि चन्नन्नावर पुलिस विभाग से ज्यादा कैम्पैया के वफादार हैं। उन्होंने कहा था कि चन्नन्नावर ने अनावश्यक रूप से रैली को प्रतिबंधित किया था ।सिम्हा की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए सिद्दरामैया ने कहा कि कैम्पैया ने मैसूरु के एसपी से क्षेत्र की कानून और व्यवस्था की स्थिति को लेकर बात की थी और इसमें कुछ भी गलत नहीं है क्योंकि वे गृहमंत्री के सलाहकार के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिम्हा ने मैसूरु के एसपी पर हमला किया। उन्हांेने कहा कि सिम्हा को अपनी असफलता के लिए उपायुक्त या पुलिस एसपी को दोषी नहीं ठहराना चाहिए। उन्हांेने कहा कि सिम्हा में राजनीतिक परिपक्वता की कमी है। पुलिस ने हनुमान जयंती के दौरान रैली के लिए जिन मार्गों की अनुमति दी थी उससे अलग रुट पर आयोजन को लेकर सिम्हा ने हंगामा किया। फ्ैं्यप्थ्य्द्म ·र्ैंह् यय्ख्रू द्यक्वद्मष्ठ ·र्ष्ठैं ्ययॅ झ्श्न्यत्रद्धहडॉ बीआर अम्बेडकर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सिद्दरामैया ने काह कि उनकी सरकार संविधान को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमें अम्बेडकर की इच्छाओं के अनुरूप देश के लिए समर्पित करना होगा जिससे अम्बेडकर ने जिस प्रकार के भारत का सपना देखा था उसे रूपांतरित किया जा सके। उन्होंने कहा कि देश में हर नागरिक संविधान से बंधा है और देश संविधान के अनुरूप चलता है जिसे अम्बडेकर ने दिया है।

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