चेन्नई। निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को अभिनेता विशाल और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की भतीजी दीपा जयकुमार की ओर से दाखिल किए गए नामांकन पर्चा को रद्द कर दिया। चुनाव आयोग द्वारा मंंगलवार को आरके नगर उपचुनाव के लिए नामांकन पर्चा दाखिल करने वाले प्रत्याशियों के नामांकन पर्चा की जांच की और इसमें त्रुटी पाने के बाद कुछ प्रत्याशियों का नामांकन पर्चा रद्द कर दिया। हालांकि अभिनेता और दीपा जयकुमार के नामांकन पर्चा दाखिल करने का समाचार आने के बाद इस पर विशाल और दीपा जयकुमार के समर्थकों ने हैरानी प्रकट की।अभिनेता विशाल का नामांकन पर्चा इसलिए रद्द कर दिया गया कि उन्होंने अपने प्रस्तोता के रुप में जिन दो लोगों का नाम लिखा था उनके नाम सही ढंग से नहीं लिखे थे। दो प्रस्तोताओं के नाम गलत होने के कारण आयोग द्वारा यह कार्रवाई गई। वहीं दीपा जयकुमार द्वारा नामांकन पर्चा के साथ दाखिल किए जाने वाले आवेदन पत्रों को सही ढंग से नहीं भरने के कारण यह कार्रवाई की गई। विशाल के नामांकन पर्चा को खारिज किए जाने के बाद बाद और उनके लगभग ५० समर्थकांें ने आरके नगर हाई रोड पर विरोध प्रदर्शन किया। विशाल और उनके समर्थकों द्वारा विरोध प्रदर्शन करने के बाद पुलिस ने उन सभी को तोंडियारपेट पुलिस स्टेशन में हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में पुलिस ने विशाल को निर्वाचन अधिकारियों से मिलने की अनुमति दे दी। गौरतलब है कि कुछ समाचार पत्रों द्वारा यह खबर प्रकाशित की गई थी कि आरके नगर उपचुनाव में नामांकन पर्चा दाखिल करने वाले कुछ प्रत्याशियों द्वारा अपना पर्चा सही ढंग से नहीं भरा गया है और उनके द्वारा सौंपे गए आवेदन पत्रों में कई अनिवार्य रुप से भरे जाने वाले स्थानों को खाली छो़ड दिया गया था। निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार नामांकन पर्चा दाखिल करने के बाद प्रत्याशियों द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों की जांच करना एक नियमित चुनावी प्रक्रिया के तहत आता है। इसके तहत यदि निर्वाचन अधिकारियों को ऐसा लगता है किसी प्रत्याशी द्वारा नामांकन पर्चा सही ढंग से नहीं भरा गया है या प्रत्याशी द्वारा नामांकन पर्चा दाखिल करने के दौरान उपलब्ध करवाई जाने वाली जानकारी सही ढंग से नहीं की गई है तो चुनाव आयोग के ऐसे नामांकन को रद्द करने का पूरा अधिकार होता है।मीडिया के एक वर्ग में इस प्रकार की खबरें भी आ रही हैं कि द्रवि़ड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और अखिल भारतीय अन्ना द्रवि़ड मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) ने तकनीकी आधार पर विशाल द्वारा नामांकन पर्चा दाखिल करने का विरोध किया था। जिसके बाद विशाल के नामांकन पर्चा की जांच रोक दी गई थी। हालांकि बाद में आयोग ने विशाल के नामांकन पर्चा की जांच शुरु की और इसमें त्रुटि पाए जाने के बाद इसे रद्द कर दिया। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के अनुसार कुल मिलाकर ५४ प्रत्याशियों के नामांकन पर्चा को रद्द कर दिया गया।

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