परीक्षाओं में बिजली बनी खललनायक

कोयंबटूर। घोषित-अघोषित बिजली कटौती का दौर शहर के लोगों को मानसिक तौर पर थका चुका है। अब यह सिलसिला स्कूलों की परीक्षा के मौसम में भी बदस्तूर जारी है। न तो स्कूली बच्चे बिजली के कारण ठीक से पढ़-लिख पा रहे हैं ओर न ही घरों में पानी की आपूर्ति सही तरीके से हो पा रही है। गौरतलब है कि उच्चतर माध्यमिक स्कूलों की बोर्ड परीक्षा 8 फरवरी से शुरू हो चुकी हैं। यह परीक्षा 21 फरवरी को पूरी होगी। जिला शिक्षा अधिकारी आर बालमुरली को भी इस दरम्यान जारी बिजली कटौती से परीक्षार्थियों को हो रही परेशानियों की तरफ शहर के बाशिंदों ने सूचित किया है। शुक्रवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में बालमुरली ने बताया कि बिजली कटौती के कारण परीक्षाओं के संचालन तक में परेशानियां आ रही हैं। हालत यह है कि स्कूलों में भौतिकी और कंप्यूटर विज्ञान की प्रायोगिक परीक्षाएं बिजली कटौती के कारण रद्द करनी पड़ी हैं। उन्होंने बताया कि कोयंबटूर की अधिकतर शासकीय पाठशालाओं में अस्थायी बिजली की व्यवस्था करने के लिए यूपीएस उपलब्ध नहीं है। चूंकि भौतिकी विज्ञान की प्रायोगिक परीक्षा में विद्यार्थियों को कई बिजली के उपकरणों का प्रयोग करना पड़ता है और कंप्यूटरों को बिजली से ही चलाया जा सकता है, इसलिए इन दोनों विषयों की परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं।
बालमुरली के मुताबिक, कई स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने अपने-अपने क्षेत्र के बिजली बोर्ड कार्यालयों से संपर्क साधकर परीक्षा के कुछ घंटों के दौरान लगातार बिजली आपूर्ति की मांग की है। बिजलीघरों को परीक्षाओं की समय सारिणी भी सौंपी गई है। इन सबका कोई असर नजर नहीं आ रहा है। इसका असर विद्यार्थियों के मनोबल पर भी पड़ रहा है। खास तौर पर कंप्यूटर विज्ञान की तैयारी करने में उन्हें खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकांश विद्यार्थियों के घरों में कंप्यूटर नहीं है। उन्हें पूरी तरह से स्कूलों की प्रयोगशालाओं में मौजूद कंप्यूटरों से काम चलाना पड़ता है। बिजली ने यह संभावना खत्म कर दी है। जिन कुछेक विद्यार्थियों के घरों में कंप्यूटर है, वे भी बिजली कटौतियों से विषय की पूरी तैयारी करने में असमर्थ हैं।
इस हालत में स्कूली विद्यार्थियों के संगठनों ने यह मामला राज्य सरकार तक पहुंचाने का मन बना लिया है। बताया जाता है कि निजी स्कूलों के छात्र संघों ने भी शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों का साथ देने का निर्णय लिया है।

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Posted by on Feb 11 2012. Filed under राज्य. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. You can leave a response or trackback to this entry

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