धूप हमारे लिए उपहार है। वरदान है। नियामत है। मुफ्त में मिलने वाली औषधि। जीवनदायी धूप का लाभ उठाएं। जैसे वनस्पति का विकास संभव नहीं धूप के बिना, वैसे ही हर जीव-जंतु तथा मानव के लिए धूप प्रकृति की अनुपम देन है। इसका लाभ उठाकर हम केवल विटामिन डी ही नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन भी प्राप्त कर सकते हैं। रोगों से मुक्ति दिलाती है धूप। धूप सेंकना हमारे लिए निहायत आवश्यक तो है मगर सावधानी से। ब़डे-बुजुर्ग कहते आए हैं कि आग को सामने से सेंकें और धूप को पीठ से। मतलब तेज धूप नुकसान भी दे सकती है। अत: प्रात: की धूप सबसे अच्छी होती है। तेल की मालिश करके धूप में बैठना फायदेमंद होता है।े। धूप पहले पांवों, फिर हाथों तो बाद में शेष शरीर को मिले तो अधिक लाभकर। ह त्वचा को नुकसान न पहुंचे, इसलिए हल्की धूप में बैठें। धूप तेज लगे तो कप़डों से ढंककर सेकें। ह छोटे मुन्ने तथा मुन्नियों को नियमित धूप में लेटाएं मगर ढंककर। ब़डी सावधानी से बच्चों को धूप में रखें तथा पास बने रहें। सर्दी, खांसी, जुकाम जैसे फेफ़डों का इलाज है धूप। मांसपेशियों में शिथिलता, त्वचा रोगों व खुजली में यह रामबाण है।ै  यदि हमारे शरीर में लौह तत्व की कमी आ जाए तो इसे भी धूप पूरा कर देती है।ै जो व्यक्ति अस्थि रोगों से घिरा हो, उसे भी नियमित धूप सेंककर रोग मुक्त होना चाहिए। रोगी व्यक्ति पहले सूर्योदय के समय की धूप में ही बैठे। धीरे-धीरे अपनी आदत बनाकर आवश्यक मात्रा में धूप सेंके। स्वास्थ्य लाभ होगा।स  विटामिन-डी हमारे स्वास्थ्य का आधार है, इस बात को मन में धारण कर, लाभ उठाएं।हए बच्चों के लिए शारीरिक विकास का स्रोत सूर्य की धूप का विधिपूर्वक लाभ उठा इसे जीवनदायी बने रहने दें। ।

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