दही खाने में जितना स्वादिष्ट होता है हमारे स्वास्थ्य के लिए भी उतना ही पौष्टिक एवं गुणकर होता है। दही आज घर-घर में ब़डी आसानी से तैयार किया जा सकता है। शहर के लोगों की अपेक्षा गांव के लोग दही का अधिक इस्तेमाल करते हैं, इसलिए वहां के लोग हमेशा तंदुरुस्त एवं निरोगी रहते हैं। शहर के प्रदूषित वातावरण में जहां हर किसी के रोगग्रस्त हो जाने की संभावना ब़ढ गई है, ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति के लिए यह जरूरी है कि वह दिन में कम से कम एक कटोरी दही का सेवन अवश्य करें।आयुर्वेद के अनुसार दही भूख ब़ढाने वाला पाचक, रक्तशोधक, यकृत को बलवान बनाने वाला तथा कब्जनाशक होता है। १०० ग्राम दही नियमित सेवन करने से हमें लगभग १३.१ ग्राम प्रोटीन, ३ ग्राम कार्बोहाइड्रेट, ४० मिली ग्राम वसा, १.५ मिली ग्राम कैल्शियम, ०.०२ मिली ग्राम आयरन, ६० कैलोरी ऊष्मा तथा विटामिन बी कॉम्पलैक्स एवं विटामिन सी प्राप्त होता है।नियमित दही का सेवन करने वालों को अनिद्रा, अपच, कब्ज एवं गैस की तकलीफें नहीं होती। भोजन के साथ दही लेने से भोजन शीघ्र पचता है तथा आंतों और आमाश्य की गर्मी नष्ट होती है। हालांकि दूध एवं दही के रासायनिक घटक लगभग समान होते हैं, फिर भी दूध की अपेक्षा जल्दी पचने एवं शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्य बनाए रखने के कारण दही दूध से श्रेष्ठ है। जिन लोगों को दूध पचता नहीं, उनके लिए तो दही वरदान स्वरूप है। दही खाने से पेट के रोग दूर होते हैं एवं उनमें सूखापन नहीं आता। विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग दही का रोजाना सेवन करते हैं उनका हृदय स्वस्थ रहता है। ऐसे लोगों में हृदय रोगों की संभावना बहुत कम पाई जाती है। दही में कैल्शियम की मात्रा अधिक पाई जाती है, जो हमारे शरीर में हड्डियों का विकास करती है। दांतों एवं नाखूनों की मजबूती एवं मांसपेशियां के सही ढंग से काम करने में भी यह सहायक है। दही में प्रोटीन अच्छी मात्रा में पाता जाता है, जो हमारे शरीर का विकास एवं मरम्मत करता है। बालों के विकास के लिए भी यह जरूरी है। ब़ढते बच्चों एवं युवाओं को अपने सही विकास के लिए दही का सेवन अवश्य करना चाहिए। स्वास्थ्य के साथ-साथ दही कई सौन्दर्य संबंधी परेशानियों को भी दूर करता है।

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