rakesh asthana
rakesh asthana

नई दिल्ली। छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना की याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने उनकी गिरफ्तारी पर 1 नवंबर तक रोक लगा दी है। इसके साथ ही सीबीआई को कहा है कि वह 1 नवंबर तक अपना जवाब दाखिल करे। न्यायालय ने मामले में यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है।

सीबीआई के वकील ने अदालत में कहा कि जवाब देने में देर हुई, क्योंकि इस मामले की फाइलें केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को भेजी गई हैं। साथ ही पूरी टीम बदल गई है। अदालत ने जवाब दाखिल नहीं करने के संबंध में जांच एजेंसी पर सवाल उठाए थे। इस तरह सोमवार का दिन भी राकेश अस्थाना के लिए राहत लेकर आया। अब 1 नवंबर तक मामले में यथास्थिति बरकरार रहेगी।

बता दें कि राकेश अस्थाना पर कथित रिश्वत मामले के बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसके विरोध में अस्थाना ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि यह एफआईआर गलत है। इस पर उच्च न्यायालय ने अस्थाना की गिरफ्तारी पर 29 अक्टूबर तक रोक लगा दी थी। यह अवधि पूरी हुई तो अस्थाना को एक बार फिर अदालत का रुख करना पड़ा। अब उन्हें इस मामले में 1 नवंबर तक राहत मिल गई है।

जब आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना का झगड़ा चर्चा में आया तो सीवीसी की सिफारिश के बाद सरकार ने दोनों अफसरों को छुट्टी पर भेज दिया था। वहीं राकेश अस्थाना ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपना पक्ष रखा था।

सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा का मामला उच्चतम न्यायालय पहुंच गया है, जहां मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ ने आदेश दिया है कि सीवीसी इस मामले की दो हफ्ते में जांच करे। यह जांच सेवानिवृत्त जज एके पटनायक की निगरानी में होगी। सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम. नागेश्वर राव सिर्फ रूटीन कामकाज करेंगे। वे कोई नीतिगत फैसला नहीं लेंगे। उन्होंने यह पद ग्रहण करने के बाद जो फैसले लिए हैं, उन्हें लिफाफे में बंद कर न्यायालय को सौंपना होगा।

ये भी पढ़िए:
– खाते में अरबों रुपए देखकर कांपने लगा पाकिस्तानी रिक्शा चालक, बीवी हुई बीमार
– बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया भ्रष्टाचार की दोषी, 7 साल कैद, 10 लाख जुर्माना
– अयोध्या विवाद: उच्चतम न्यायालय ने जनवरी 2019 तक सुनवाई टाली

LEAVE A REPLY