arun jaitley
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नई दिल्ली। सीबीआई मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे सकारात्मक बताया और कहा है कि उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में होने वाली सीवीसी जांच में हकीकत सामने आ जाएगी। जेटली ने आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेजे जाने के फैसले का पक्ष लिया और कहा कि अब जांच में सच सामने आ जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले को लेकर केंद्र का किसी व्यक्ति विशेष से कोई संबंध नहीं है।

जेटली ने उच्चतम न्यायालय के आदेश को बहुत सकारात्मक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि जो एजेंसी भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करती है और उसी के दो बड़े अधिकारियों पर आरोप लगते हैं तो जांच बहुत जरूरी हो जाती है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद सच का सामने आना देश के हित में है। यदि भ्रष्टाचार की जांच करने वाली एजेंसी के दो बड़े अफसर जांच में घेरे में आ जाएं तो यह हमारा देश वहन नहीं कर सकता।

जेटली ने सीवीसी द्वारा दोनों अफसरों पर फैसले को सही बताया और कहा कि सीवीसी ने यह फैसला दिया और सरकार ने स्वीकार किया। जेटली ने कहा कि यह कदम पारदर्शिता और शुचिता के लिए बहुत जरूरी था। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के फैसले को इसी दिशा में बताया।

उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय ने अपने पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में सीवीसी द्वारा दो हफ्तों में जांच का आदेश दिया है, जो सरकार के शुचिता के प्रयास को मजबूत करता है। शुक्रवार को आलोक वर्मा की याचिका पर सुनवाई करने के बाद उच्चतम न्यायालय ने आदेश दिया है कि सीवीसी को दो हफ्तों में यह जांच करनी होगी। जांच उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एके पटनायक की निगरानी में होगी। अब सीबीआई के अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव नीतिगत फैसले नहीं ले सकेंगे।

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