नई दिल्ली/एजेन्सी कुछ महीने पहले गुस्से वाले हनुमान की तस्वीर बनाने वाले कलाकार करण आचार्य इन दिनों किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं हैं। इसकी वजह है पीएम मोदी की मुस्कुराती हुई तस्वीर, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इसी महीने की ५ मई को कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान ’’गुस्से वाले हनुमान’’ की तारीफ प्रधानमंत्री मोदी ने की तो करण इस कदर उत्साहित हुए कि उन्होंने मोदी की मुस्कुराती हुई तस्वीर बना डाली। करण ने खुद अपने ट्विटर हैंडल पर पीएम मोदी की इस तस्वीर को साझा किया है, इसके बाद से यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है और इस तस्वीर को कुछ ही समय में हजारों लोग लाइक और शेयर कर चुके हैं। करण के मुताबिक, कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी की तारीफ बाद वे इस कदर उत्साहित हुए कि उन्होंने धन्यवाद देने का मन बना लिया था। इसीलिए करण ने पीएम मोदी की तस्वीर बनाई है, जिसमें वे मनमोहक अंदाज में मुस्कुराते नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि करण ने मोदी की इस पेंटिंग को अलग-अलग पोज के साथ शेयर किया है। दरअसल, ६ मई को उन्होंने सबसे पहली तस्वीर डाली थी। इसमें उन्होंने पीएम मोदी की सिर्फ आंखें बनाई थीं। इसके बाद उन्होंने पीएम मोदी के आधे स्कैच को दिखाया। इस दौरान उनके ट्वीटर अकाउंट पर प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई थी और करण उसका जवाब में दे रहे थे। इस क़डी में ११ मई को उन्होंने फिर आधी-अधूरी स्कैच की तस्वीर डाली और १५ मई को आखिरकार पूरी तस्वीर शेयर की। इसके बाद उन्होंने अपने ट्वीटर हैंडल पर तस्वीर शेयर की।दिल्ली-एनसीआर की स़डकों पर रेंगती और दौ़डती कारों के पीछे लगी हनुमान जी की तस्वीर लोगों की चर्चा का विषय बन गई थी। शांत स्वभाव वाले रामदूत को यह नया लुक देने वाले कलाकार करण आचार्य हैं। पेशे से स्केच आर्टिस्ट करण ने बताया कि यह तस्वीर उन्होंने ध्वज निशान के तौर पर बनाई थी। सितंबर २०१६ में गांव में गणेश चतुर्थी के मौके पर एक शोभा यात्रा निकाली जानी थी, जिसके ध्वज के लिए दोस्तों ने कुछ डिजाइन करने को कहा था।जाट ब्वॉय, हारे का सहारा और मॉम्स गिफ्ट को हनुमान स्टीकर ने पीछे छो़ड दिया है। तस्वीर की खास बात है कि नारंगी-सिंदूरी रंग में केवल हनुमान का क्रोधित चेहरा ही नजर आता है। इसके प्रति लोगों दीवानगी ऐसी है कि दिल्ली-एनसीआर में आपको क्रॉस कर आगे जाती हर तीसरी गा़डी पर यह तस्वीर दिख जाएगी। लोगों ने इसे एंग्री हनुमान का नाम दिया है।सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि तस्वीर ने कर्नाटक से लेकर राजधानी का सफर बहुत जल्दी तय किया है। सबसे पहले बेंगलुरु की स़डकों पर दौ़डने वाली गाि़डयों में ही यह स्टीकर नजर आया था। इसके बाद सोशल मीडिया के सहारे यह तस्वीर देशभर में फैल गई। करण के मुताबिक, मैं यह पूरी तस्वीर बनाना चाहता था, लेकिन तब सिर्फ चेहरे की ही जरूरत थी। कई दिनों बाद मैंने बेंगलुरू की गाि़डयों पर स्टीकर के तौर पर इसे देखा। करण उत्तरी केरल के कासरगो़ड जिले में कुंबले गांव के निवासी हैं।

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