नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति एएम खानविलकर ने राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील ६४ करो़ड रुपए के बोफोर्स तोप सौदा दलाली मामले से संबंधित अपील पर सुनवाई से मंगलवार को खुद को अलग कर लिया। न्यायमूर्ति खानविलकर इस मामले की सुनवाई करने वाली प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ के सदस्य थे। न्यायमूर्ति खानविलकर ने सुनवाई से खुद को अलग करने के अपने निर्णय की कोई वजह नहीं बताई। पीठ के तीसरे सदस्य न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचू़ड थे। इस पीठ ने कहा कि अब इस मामले की २८ मार्च को एक नई पीठ सुनवाई करेगी।शीर्ष अदालत बोफोर्स तोप सौदा दलाली कांड में सभी आरोप निरस्त करने और सारे आरोपियों को आरोप मुक्त करने के दिल्ली, उच्च न्यायालय के ३१ मई २००५ के फैसले के खिलाफ भाजपा नेता अजय अग्रवाल की अपील पर सुनवाई कर रही है। इस बीच, केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने न्यायालय को सूचित किया कि उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उसने भी दो फरवरी को अपील दायर की है। शीर्ष अदालत को मंगलवार को अजय अग्रवाल की दलीलों को इस बिन्दु पर सुनना था कि इस मामले में तीसरे पक्ष के रूप में वह किस हैसियत से अपील दायर कर सकते हैं। अग्रवाल ने यह अपील उस वक्त दायर की थी जब सीबीआई ९० दिन की अनिवार्य अवधि के भीतर ऐसा करने में विफल रही थी। उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आरएस सोढी (अब सेवानिवृत्त) ने इस मामले में फैसला सुनाया था और यूरोप में रहने वाले उद्योगपति हिन्दुजा बंधुओं के खिलाफ सारे आरोप निरस्त कर दिए थे।

Facebook Comments

LEAVE A REPLY