बेंगलूरु। राज्य में पिछले दो दिनों से सरकार बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी, जनता दल(एस) और कांग्रेस के बीच चल रही रस्साकशी गुरुवार को समाप्त हो गई। भाजपा विधायिका दल के नेता बीएस येड्डीयुरप्पा ने गुरुवार को राज्यपाल से सरकार बनाने के लिए मिले आमंत्रण के बाद सुबह नौ बजे शुभ मुहूर्त में मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद येड्डीयुरप्पा ने अपने सभी समर्थकों का अभिभावदन स्वीकार किया। इसके बाद वह गुरुवार को विधानसौधा भी पहुंचे और सदन की सीढियों को प्रणाम कर विधानसभा के अंदर प्रवेश किया।
इससे पूर्व बुधवार की रात काफी हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। बुधवार को जनता दल(एस) और कांग्रेस ने अपने विधायक दल के नेता के रुप में कुमारस्वामी का चयन किया और 117 विधायकों का समर्थन होने का दावा राज्यपाल के समक्ष पेश किया। हालांकि राज्यपाल वाजूभाई वाला ने भाजपा को सरकार बनाने का निमंत्रण दे दिया जिसके बाद देर रात कांग्रेस के सांसद मनु सिंघवी नई दिल्ली पहुंचे और राज्यपाल के निर्णय के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में याचिका लगाई।
देश के ईतिहास में दूसरी बार बुधवार की रात सर्वोच्च न्यायालय ने आधी रात सुनवाई शुरु की और रात भर सुनवाई चलती रही। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने राज्यपाल के आदेश को पलटने और येड्डीयुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से रोकने का आदेश देने से इंकार कर दिया।देर रात दो बजकर 11 मिनट से आज सुबह पांच बजकर 58 मिनट तक चली सुनवाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश ए के सीकरी, न्यायाधीर्श एस के बोबडे और न्यायाधीश अशोक भूषण की एक विशेष पीठ ने कहा, ’न्यायालय बी एस येड्डियुरप्पा के शपथ ग्रहण समारोह पर रोक लगाने के संबंध में कोई आदेश नहीं दे रहा है। अगर वह शपथ लेते हैं तो यह प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष इस मामले के अंतिम फैसले का विषय होगा।’
येड्डीयुरप्पा के मुख्यमंत्री पद के शपथ लेने के बाद भी अभी तक राज्य में सियासी घटनाक्रम बदल रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, मल्लिाकार्जुन खरगे, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दरामैया विधानसौधा में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया है। इस विरोध प्रदर्शन में जनता दल(एस) और कांग्रेस के विधायकों को बुलाया गया है। सभी कांग्रेस विधायक इस विरोध प्रदर्शन स्थल पर एक बस में भर कर लाए गए। जनता दल(एस) के सुप्रीमो एच डी देवेगौड़ा भी समाचार लिखे जाने तक विरोध प्रदर्शन में पहुंच चुके थे। इसी बीच यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस और जनता दल (एस) के कुछ नेता इस विरोध प्रदर्शन से नदारद हैं।

LEAVE A REPLY