बेंगलूरु/दक्षिण भारतमुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कर्नाटक की तीन लोकसभा सीटों के लिए अगले महीने प्रस्तावित उप चुनाव को वर्ष २०१९ के आम संसदीय चुनाव का ’’सेमी फाइनल’’ करार दिया है। हालांकि चुनाव आयोग द्वारा इन सीटों के लिए उप चुनाव की घोषणा किए जाने के बाद राज्य की सभी राजनीतिक पार्टियों ने इस उप चुनाव को गैर-जरूरी माना था लेकिन मुख्यमंत्री ने संकेत दिया है कि वह और उनकी पार्टी जनता दल (एस) उप चुनाव को हल्के में नहीं लेगी। सोमवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में कुमारस्वामी ने कहा, ’’यह उप चुनाव राज्य में कांग्रेस-जनता दल (एस) सरकार के काम-काज पर जन प्रतिक्रिया होगा और यह तय करेगा कि इन पार्टियों का गठबंधन ’’पवित्र’’ है या फिर सिर्फ ’’अवसरवादी’’ गठबंधन है, जैसा कि भाजपा अक्सर इस गठबंधन को कहती आई है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ’’भाजपा इस गठबंधन सरकार को अपवित्र गठबंधन कहती आई है। इसका दावा है कि दोनों पार्टियों ने सिर्फ सत्ता में आने के लिए आपस में हाथ मिलाया है। वह कहती रही है कि इस सरकार ने तीन महीने सत्ता में गुजारने के बावजूद अब तक कोई काम शुरू ही नहीं किया है।’’ उन्होंने पूरा विश्वास जताया कि यह गठबंधन सिर्फ तीन लोकसभा सीटें ही नहीं, बल्कि दो विधानसभा सीटों सहित सभी पांच सीटें जीतेगा। उन्होंने कहा, ’’इन क्षेत्रों के मतदाता भाजपा को उप चुनाव में ही उसके आरोपों का सही जवाब देंगे। मुझे उम्मीद है कि इस उप चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद भाजपा की ओर से सत्तासीन गठबंधन की आलोचना करने के लिए असंसदीय शब्दों का प्रयोग बंद कर दिया जाएगा।’’ कुमारस्वामी ने इसके साथ ही स्पष्ट किया, ’’हममें से किसी को उम्मीद नहीं थी कि तीनों लोकसभा सीटों पर इस वर्ष उप चुनाव होगा क्योंकि अगले ही वर्ष संसदीय आम चुनाव प्रस्तावित है। यहां तक कि भाजपा ने भी सिर्फ छह महीने के लिए उप चुनाव करवाने पर आपत्ति जताई है। बहरहाल, चुनाव आयोग ने कर्नाटक पर यह उप चुनाव थोंपा है और हम सभी चुनाव का सामना करने को तैयार हैं।’’

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