लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को खुलासा किया कि आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर से उनकी मुलाकात शिष्टाचार भेंट थी और उसमें किसी एक विशेष मुद्दे पर कोई बात नहीं हुई थी। योगी ने यहां एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में कहा कि श्री श्री रविशंकर अयोध्या विवाद में पक्षकार नहीं हैं। बातचीत होगी भी तो तीनों पक्षकारों में ही होगी। तीनों पक्षकार बैठकर बातचीत कर लेते हैं तो स्वागत है, नहीं तो आगामी पांच दिसम्बर से इस मामले में उच्चतम न्यायालय में हर दिन सुनवाई होनी ही है। उन्होंने कहा कि न्यायालय में प्रतिदिन सुनवाई शुरु होने के बाद बातचीत का कोई औचित्य नहीं रह जाता। संवाद से यदि मामले का हल न हो तो धैर्य से अदालत के निर्णय का इंतजार करना चाहिए। गौरतलब है कि श्री श्रीरविशंकर ने अयोध्या मुद्दे का बातचीत से हल किए जाने की मुहिम चलाते हुए गत १६ नवम्बर को श्री योगी से लखनऊ में मुलाकात की थी। इसके दूसरे दिन अयोध्या में उन्होेंने साधु -संतों और पक्षकारों से भी बातचीत की थी। नगरीय निकाय चुनाव में मुख्यमंत्री के रुप में ताब़डतो़ड दौरों के बारे में एक सवाल के जवाब में योगी ने कहा कि लोकतंत्र चुनाव से मजबूत होता है। चुनाव में अपनी बात कहने का मौका मिलता है। जनता को अपनी उपलब्धियां बताई जाती हैं। इस मौके को वह क्यों छो़डें। विपक्षी तो मैदान छो़डकर भाग गए हैं।उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश, गुजरात विधानसभा चुनाव के साथ ही उत्तर प्रदेश के नगरीय निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जीत हासिल करेगी। इसके साथ ही वर्ष २०१९ के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की जीत का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। पार्टी एक बार फिर मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाएगी। योगी ने कहा कि फिल्म पद्मावती में इतिहास के साथ छे़डछा़ड नहीं की गई है तो निर्माता विरोध करने वालों को फिल्म दिखा क्यों नहीं रहे हैं। दाल में कुछ जरुर काला है। जनभावनाओं का सम्मान होना चाहिए। किसी को भी जनभावनाओं से छे़डछा़ड की छूट नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने फिल्म के विवादित दृश्यों के साथ रिलीज नहीं करने का आग्रह केन्द्र से किया है। एक दिसम्बर को फिल्म रिलीज होनी थी। उसी दिन उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव की मतगणना है। दो दिसम्बर को बारावफात है। कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, इसलिए विवादित दृश्यों के साथ फिल्म नहीं रिलीज करने का आग्रह किया गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उनकी सरकार हर कदम उठाएगी। उत्तर प्रदेश का भगवाकरण किए जाने संबंधी सवाल के जवाब में योगी ने कहा कि भगवान सूर्य की लालिमा क्या हटाई जा सकती है। अग्नि की ज्वाला भी भगवा है क्या उसे हटाया जा सकता है? भगवा से ऊर्जा मिलती है। बाइस करो़ड जनता को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए भगवा जरुरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपराधियों से बार -बार कहते हैं कि वे अपराध करने के बजाय शांति से रहें। शांति से नहीं रहने वाले अपराधियों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जा रहा है। यह अलग बात है, ‘अपराधी की गोली मिस हो जा रही है और पुलिस की नहीं मिस हो रही है।‘ हर व्यक्ति की सुरक्षा की गांरटी सरकार को देनी होती है। अपराधियों की नकेल कसे जाने का ही नतीजा है कि अब अमन-चैन वापस आ रहा है। व्यापारी निवेश करने लगे हैं। रोजगार के अवसर ब़ढ रहे हैं।

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