बेंगलूरु/दक्षिण भारतस्थानीय दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा विद्यारायण्यपुरा में चल रहे देवी वंदन कार्यक्रम के द्वितीय दिवस साध्वीश्री रितुभारती जी ने कहा कि माँ ने नौ दिन तक महिषासुर आदि असुरों से युद्ध किया और दशम दिन उन पर विजय प्राप्त कर ली। इस कथा में निहित अध्यात्मिक रहस्य उजागर करते हुए उन्होंने बताया कि मानव शरीर नौ द्वारों की नगरी है। इन नौ द्वारों में संसार के प्रति प्रबल आकर्षण है। माया इन्हें अपनी ओर खींचती है। जब एक साधक योग साधना में स्थित होकर ईश्वर का ध्यान करता है तो उसे माया से संघर्ष करना प़डता है। एक-एक द्वार पर विजय प्राप्त करता हुआ वह दशम द्वार पर पहुँचता है और ईश्वर के प्रकाश में अपने मन को युक्त करता है। अपने विकारों पर विजय प्राप्त कर लेता है। यही नवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य है।

LEAVE A REPLY