mann ki baat
mann ki baat

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में रविवार को देशवासियों को संबोधित किया। यह इस कार्यक्रम का 49वां संस्करण था। इस मौके पर मोदी ने सरदार पटेल से लेकर पूर्वोत्तर तक कई बातों का जिक्र किया। उन्होंने देशवासियों को दिवाली और अन्य त्योहारों की बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद किया और लोगों से अपील की कि रन फॉर यूनिटी में भाग लें।

प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल के योगदान और उनकी दूरदर्शिता का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि टाइम मैग्जीन में इस बात का उल्लेख किया गया कि सरदार पटेल का विजन क्या था और उन्होंने कितनी विषम परिस्थितियों में देश को संभाला। उन्होंने कहा कि पटेल ने देश की रियासतों का एकीकरण कर भारत को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 31 अक्टूबर (सरदार पटेल का जन्मदिवस) को स्टेचू ऑफ यूनिटी देश को समर्पित की जाएगी। यह अमेरिका की यूनिटी आॅफ लिबर्टी से भी ऊंची है। उन्होंने पैदल सेना दिवस के सन्दर्भ में कहा कि इसी दिन भारतीय सेना के जवान कश्मीर घाटी में उतरे और उन्होंने घुसपैठियों से इसकी रक्षा की। मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।

मोदी ने देश के खिलाड़ियों की प्रतिभा को सराहा। उन्होंने यूथ ओलिंपिक 2018 में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तारीफ की। इसके अलावा फीफा अंडर-17 विश्व कप का उल्लेख कर कहा कि देश के अलग-अलग स्टेडियम में लाखों लोगों ने फुटबॉल मैच का लुत्फ उठाया। मोदी ने कहा कि भारत को पुरुष हॉकी विश्व कप के आयोजन का सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा कि हॉकी के इतिहास में भारत का स्वर्णिम सफर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हॉकी का जब भी जिक्र होगा, भारत का नाम जरूर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ओडिशा में पुरुषों के हॉकी विश्व कप का आयोजन होना ओडिशा के लिए बहुत लाभदायक होगा। प्रधानमंत्री ने सेल्फ फॉर सोसाइटी के बारे में कहा कि यह समाज के प्रति समर्पण है और इससे ‘मैं नहीं हम’ की भावना मजबूत होती है।

प्रधानमंत्री ने आदिवासी समाज और उनकी पूजा पद्धतियों, परंपराओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये प्रकृति को मजबूत करती हैं। उन्होंने आदिवासी समाज को हमेशा सौहार्द में विश्वास रखने वाला बताया। साथ ही कहा कि यह समाज प्राकृतिक संसाधनों के दोहन की स्थिति में उसके लिए खड़े होने से पीछा नहीं हटता। मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा को याद किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने पराली का उल्लेख किया। उन्होंने पंजाब के एक गांव कल्लर माजरा के बारे में बताया कि वहां लोग धान की पराली जलाते नहीं बल्कि जोतकर मिट्टी में मिला देते हैं। उन्होंने इस गांव के लोगों को बधाई दी और इसे पर्यावरण की स्वच्छता की दिशा में अच्छा प्रयास बताया। मोदी ने भारत को विश्वशांति का पक्षधर बताया और कहा कि दुनिया में जब भी शांति की बात होगी तो हमारे देश का नाम सदैव स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। मोदी ने कहा कि हमारी मूल भावना है कि विश्व में शांति हो।

प्रधानमंत्री ने शांति के साथ ही देश के सैनिकों की वीरता को भी सराहा। उन्होंने कहा कि प्रथम विश्वयुद्ध से हमारा सीधा कोई लेना-देना नहीं था। इसके बावजूद हमारे सैनिक बहादुरी से लड़े और सर्वोच्च बलिदान दिया। मोदी ने कहा कि हमारे सैनिकों ने दुनिया को दिखाया कि जब युद्ध की बात आती है तो वे किसी से पीछे नहीं हैं। मोदी ने देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र का उल्लेख किया और इसे प्राकृतिक रूप से सुंदर बताया। इसके अलावा पूर्वोत्तर निवासियों को काफी प्रतिभाशाली बताया। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर ने आॅर्गेनिक कृषि में बहुत उन्नति की है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले सौ वर्षों में शांति की परिभाषा बदल गई है। आज शांति और सौहार्द का मतलब सिर्फ युद्ध का न होना नहीं है। उन्होंने आतंकवाद से लेकर जलवायु परिवर्तन, आर्थिक विकास से लेकर सामाजिक न्याय के लिए वैश्विक सहयोग और समन्वय के साथ काम करने की जरूरत पर जोर दिया।

मोदी ने कहा कि अक्टूबर का महीना समाप्त होने वाला है और बदलते मौसम के साथ ही त्योहारों का सीजन भी शुरू होने वाला है। उन्होंने धनतेरस, दीपावली, भैयादूज और छठ का जिक्र किया और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपना और समाज का ख्याल रखने की बात कही।

LEAVE A REPLY