अंजार (गुजरात)। कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन के बाद गुजरात केे पहले चुनावी दौरे पर आये पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को दावा किया कि मोदी सरकार के कई ब़डे घोटाले आने वाले समय में जनता के सामने आएंगे। उन्होंने मंगलवार को कच्छ जिले के अंजार में एक चुनावी सभा में कहा कि राफेल ल़डाकू विमान सौदे और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी के घोटाले तो शुरुआत भर है। आने वाले समय में इनसे ब़डे कई घोटाले देश और गुजरात की जनता के सामने आएंगे। गांधी ने राफेल सौदे पर फिर से मोदी से तीन सवाल पूछे और नोटबंदी और जीएसटी से पैदा हुई अफरातफरी के बीच जयशाह की कंपनी के कारोबार केे ५० हजार रुपए से कुछ ही माह में ब़ढ कर ८० करो़ड होने की बात भी दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों की संसद में गुजरात चुनाव के दौरान चर्चा न हो और जनता इसे न सुने इसीलिए संसद के शीतकालीन सत्र को चुनाव के ठीक बाद तक टाल दिया गया। अभी शाह राफेल का मामला शुरुआत है। इससे भी ब़डे मामले हैं वे देश की जनता और गुजरात की जनता के सामने आएंगे।गांधी ने मोदी से गुजरात में ५० लाख घर बनाने, गुजरात के शिक्षा के मामले में २६ वें नंबर पर खिसकने, उद्योगपतियों से महंगी बिजली खरीदने और राज्य पर कर्ज के बढ कर ढाई लाख करो़ड हो जाने के बारे में अपने चार पुराने सवाल दोहराये और व्यंगात्मक लहजे में इनमे से किसी एक का भी उत्तर देने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि मोदी जी केवल बीते समय की बात करते हैं, भविष्य के बारे में नहीं। गांधी ने कहा कि २२ साल बाद गुजरात में कांग्रेस की सरकार बनेगी और लोगों को एक फर्क महसूस होगा। सोमवार को जारी घोषणा-पत्र की सभी बातों को लागू किया जाएगा। कांग्रेस का मुख्यमंत्री लोगों की राय से चलेगा तथा भाजपा की तरह केवल चंद उद्योगपतियों के लिए नहीं बल्कि किसानों, छोटे मझौले व्यापारियों, युवाओं और हर वर्ग के लिए काम करेगा। कांग्रेस १५ लाख रुपए वाले भाजपा के जुमले की तरह खोखले वायदे नहीं करेगी भले ही इसका कुछ नुकसान हो जाए। किसानो का कर्ज माफ किया जाएगा और इन्हें १६ घंटे बिजली दी जाएगी। पार्टी गुजरात को एक सुनहरा भविष्य देगी। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि अमित शाह के बारे में पूरा गुजरात जानता है, पाटीदार समाज जानता है पर केवल मोदी ही नहीं जानते। पता नहीं क्यों वह उनके बेटे की कंपनी के बारे में एक शब्द नहीं बोलते। उन्होंने व्यंगात्मक लहजे में कहा कि जब राफेल सौदे को मोदी ने फ्रांस में बदल दिया तो तब के रक्षा मंत्री (मनोहर परिर्कर) गोवा में मछली खरीद रहे थे और उन्हें इसका पता भी नहीं था। मोदी भी अब यह नहीं बताते कि सौदा बदलने से विमान की कीमत ब़ढी या घटी। इसके लिए कैबिनेट की सुरक्षा संबंधी समिति की अनुमति ली गयी थी या नहीं और इसका ठेका सरकारी कंपनी एचएएल की जगह ४५ हजार करो़ड का कर्ज और विमान बनाने में अनुभवशून्य उद्योगपति को क्यों दे दिया गया।

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