चेन्नई। मंगलवार को चेन्नई के दौरे पर पहुंचे गुजरात के नव निर्वाचित विधायक और पाटीदारों के नेता जिग्नेश मेवानी को पत्रकारों की नाराजगी का सामना करना प़डा। यहां एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान जिग्नेश मेवानी ने एक अंग्रेजी समाचार चैनल के माइक को हटाने की मांग कर दी जिसके बाद सभी पत्रकारों ने एकजुटता दिखाते हुए उनसे संवादाता सम्मेलन समाप्त करने के लिए कह दिया। वह यहां कैदे-ए-मिल्लत अंतरराष्ट्रीय मीडिया स्टडीज एकेडमी में अकादमिक कार्यकर्ताओं के साथ एक वार्ता सत्र में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे।दो घंटे तक चली वार्ता के बाद जिग्नेश मेवानी एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करने वाले थे। जब सभी चैनलों के पत्रकार जिग्नेश मेवानी के सामने रखे मेज पर अपना-अपना माइक रखने लगे तो जिग्नेश मेवानी की नजर एक अंग्रेजी समाचार चैनल रिपब्लिक टीवी के माइक पर गयी और उन्होंने उस चैनल का नाम लेते हुए पूछा कि इसका रिपोर्टर कौन है? मैं उस चैनल से बात नहीं करना चाहता। जिग्नेश ने बार-बार यह बात कही। कुछ दूसरे चैनलों के पत्रकारों ने इसके बाद जिग्नेश को शांत करवाने की कोशिश की और कहा कि वह बस उनका बयान लेना चाह रहे हैं और यह कोई साक्षात्कार नहीं है जिसके बाद उन्होंने उस चैनल के प्रमुख संपादक का नाम लेते हुए कहा कि उसके नेतृत्व वाले चैनल के पत्रकारों से बात करना उनकी नीति में शामिल नहीं है।इसके बाद जिग्नेश ने कहा कि मैं प्रश्नों का जवाब नहीं दूंगा। माइक हटाओ। इसके बाद एक टीवी पत्रकार ने जिग्नेश से कहा कि आप इस बात का निर्णय नहीं कर सकते कि कौन सा माइक यहां रहेगा या नहीं? उन्होंने कहा कि अगर आप यह संवाददाता सम्मेलन नहीं चाहते हैं तो आप जा सकते हैं। इसके बाद अन्य पत्रकारों ने भी एकजुटता दिखाते हुए जिग्नेश मेवानी से एक भी प्रश्न पूछे बगैर संवाददाता सम्मेलन समाप्त कर दिया। इसके बाद से सोशल मीडिया पर इसके बारे में मिली जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोगों ने जहां मीडिया द्वारा पत्रकारों को अपमानित करने वाले जिग्नेश मेवानी जैसे नेताओं के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले पत्रकारों की सराहना की है वहीं कुछ जिग्नेश मेवानी की ओर से की गई मांग को जायज ठहरा रहे हैं।

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