जयपुर/दक्षिण भारतमुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा है कि बीते चार र्वर्षों में देशभर में पर्यटन सेक्टर में असीम ऊर्जा का संचार हुआ है और राजस्थान भारत का सर्वाधिक पंसदीदा पर्यटन केन्द्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि केन्द्र तथा राज्य सरकार के नवाचार आधारित परियोजनाओं ने पूरी दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित किया है। श्रीमती राजे राजस्थान सरकार तथा फैडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज (फिक्की) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ग्रेट इंडियन ट्रेवल बाजार (जीआईटीबी) -२०१८ कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की उ़डान परियोजना, कृष्णा सर्किट, हैरिटेज सर्किट, स्वदेश दर्शन और प्रसाद सर्किट जैसी योजनाओं और राज्य सरकार की इंट्रा-स्टेट हवाई सेवा, बेहतरीन स़डक नेटवर्क और जाने क्या दिख जाए प्रचार अभियान के परिणामस्वरूप राजस्थान वर्ष २०२० तक ५ करो़ड पर्यटकों की संख्या के लक्ष्य को दो वर्ष पहले ही २०१८ में हासिल कर लेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन एवं यात्रा कारोबारियों की ग्रेट इंडियन ट्रेवल बाजार – २०१८ में ब़डी संख्या में भागीदारी यह साबित करती है कि राजस्थान देश का प्रमुख पर्यटन राज्य है। उन्होंने कहा कि ५५ देशों के २८० ट्यूर ऑपरेटर्स के साथ-साथ गुजरात से लेकर पश्चिम बंगाल तथा पंजाब से लेकर तमिलनाड तक लगभग १० राज्यों के ३०० देशी पर्यटन कारोबारी भी इस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं। श्रीमती राजे ने कहा कि बीते चार वर्ष में राजस्थान पर्यटन को विभिन्न श्रेणियों में ४७ पुरस्कार मिलना यह साबित करता है कि राज्य में नये फेस्टिवल, तिहासिक स्थलों और संग्रहालयों के रख-रखाव, आधारभूत ढांचे के विकास, स़डक नेटवर्क, हवाई सेवाओं के विस्तार और स्वच्छता के क्षेत्रों में अभूतपूर्व काम किया गया है। राज्य के वन क्षेत्रों में वन्य जीवन के अनुकूल माहौल तैयार होने से वन्यजीवों की संख्या में ब़ढोतरी के परिणामस्वरूप ईको टूरिज्म क्षेत्र का भी विस्तार हुआ है। इसी के चलते राजस्थान हर देशी या विदेशी पर्यटन की पहली पंसद बन गया है।

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