नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका के संरक्षणवादी उपायों से दुनिया के सामने गंभीर चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं और भारत को निर्यात ब़ढाने के लिये उपाय तलाशने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सभी प्रमुख व्यापार सहयोगियों के खिलाफ कदम उठा रहा है। इसमें चीन भी शामिल है। वाणिज्य मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आयी है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीनी आयातों पर ६० अरब डालर का आयात शुल्क लगाया है। साथ ही भारत के मामले में इस्पात औरए ल्युमीनियम पर आयात शुल्क ब़ढाया है। उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा, यह वास्तविकता है कि दुनिया गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है… इस संदर्भ में हमें निर्यात को ब़ढाना है। प्रभु ने कहा कि भारत नियम आधारित पारदर्शी और भागीदारी वाली व्यापार प्रणाली में भरोसा करता है और हाल ही में उसने डब्ल्यूटीओ में नई जान फूंकने के इरादे से वैश्विक व्यापार निकाय के प्रमुख सदस्य देशों को आमंत्रित किया था। अमेरिका और चीन के बीच संभावित व्यापार युद्ध के प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, अगर कोई भी देश एकतरफा कार्रवाई करता है, हम निश्चित रूप से उस पर गौर करेंगे और उससे समुचित तरीके से निपटेंगे। गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार को चीनी आयात ६० अरब डॉलर का शुल्क लगाया। इससे दुनिया की दो ब़डी अर्थव्यवस्थाओं के बीच पहले से तनावपूर्ण व्यापार संबंध और बिग़डेंगे। मंत्री ने आगे कहा कि सरकार निर्यात ब़ढाने के लिये कदम उठा रही है। प्रभु ने कहा, सभी को निर्यात ब़ढाने के लिये कदम उठाने चाहिए। हम नये बाजार तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही नये उत्पादों के निर्यात पर भी गौर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत निर्यात ब़ढाने के लिए कुछ अफ्रीकी देशों के नेताओं के साथ बैठक कर रहा है।

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