छिंदवा़डा। मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को कहा कि पका़ेडा बनाना भी कौशल विकास का एक हुनर है, इसमें शुरू के दो साल में भले ही कम सफलता मिले किंतु तीसरे साल वह व्यक्ति रेस्टोरेंट और आगे जाकर होटल का मालिक बन सकता है। श्रीमती पटेल ने छिंदवा़डा जिले के हरई विकासखंड मुख्यालय पर गोंड महासभा के राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन करते हुए यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सभी को सरकारी नौकरी प्राप्त नहीं हो सकती। जरूरी है कि बेरोजगारों के कौशल विकास को प्रोत्साहन दिया जाए। कोई काम छोटा नहीं है। छोटे-छोटे काम करके ही देश के अनेक उद्योगपति विदेश तक पहुंच गए हैं, चाहे अंबानी हों या अडानी।अंतरराज्यीय बच्चों के पर्यटन प्रवास को देश की एकता के लिए सराहनीय बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि वे इसमें अनुसूचित जाति-जनजाति के बच्चों की भागीदारी ब़ढाने के लिए प्रयास करेंगी। उन्होंने आदिवासी समाज से आग्रह किया कि बच्चियों की प़ढाई पर सतत ध्यान दें, कम उम्र में उनकी शादी होने से रोकें और कुपोषण के खिलाफ जागरूकता लाएं। श्रीमती पटेल ने आदिवासी समाज की २२ विभूतियों को सम्मानार्थ प्रमाण पत्र वितरित किए।

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