जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार की ढिलाई के कारण ही न्यायालयों में भर्ती प्रक्रिया के मामल अटके प़डे है। गहलोत ने बुधवार को यहां एक बयान जारी कर राज्य की वसुंधरा राजे सरकार पर युवाओं को नौकरी देने के वायदे को भुलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की ढिलाई और सशक्त ढंग से पैरवी नही करने के कारण ही न्यायालय में भर्ती प्रक्रिया के मामले लंबित प़डे हुए है।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान १५ लाख बेरोजगार युवाओं को सरकारी क्षेत्र में नौकरियां देने का वायदा किया था लेकिन इस सरकार ने युवाओं को नौकरियां देना तो दूर पूर्ववर्ती कांग्रेस के समय प्रांरभ की गई चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया में से अधिकांश को किसी न किसी आधार पर अटका रखा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जिन नौकरियों को देने का दावा कर रही हैं उनकी भर्ती प्रक्रिया भी पूर्ववर्ती सरकार के समय ही शुरू हो गई थी। गहलोत ने कहा कि तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती, कनिष्ठ लिपिक भर्ती, आरएएस तथा अधीनस्थ सेवाओं की भर्ती प्रक्रिया अटकी हुई है जिससे लाखों अभ्यर्थी परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि न्यायालयों में अटके भर्ती प्रक्रियाओं के मामलों में सरकार द्वारा सशक्त एवं समय पर पैरवी नहीं करने के कारण भी विलम्ब हो रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय राजकीय विभागो की आवश्यकताओं को देखते हुए विभिन्न संवर्गों में नए पदों का सृजन किया गया था किन्तु भाजपा सरकार ने अधिकांश विभागों के नवसृजित पदों में कटौती कर दी है, जिससे बेरोजगार युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर भी कम हो गए हैं। उन्होंने सरकार से प्रदेश में सरकारी नौकरियों में कटौती किए गए पदों की स्थिति को स्पष्ट करने की मांग भी की।

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