नई दिल्ली। आगामी वित्त वर्ष में सरकारी खजाने में आने वाले हर एक रुपये में से १९ पैसे बाजार उधारी व अन्य देनदारियों के रूप में आएंगे। इस दौरान सरकार हर एक रुपये में से १९ पैसे ब्याज भुगतान के रूप में चुकाएगी। वित्त मंत्री अरूण जेटली द्वारा आज लोकसभा में पेश बजट २०१८-१९ के अनुसार सरकारी खजाने को मिलने वाले हर एक रुपये में ७० पैसे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष करों से आएंगे। वहीं व्यय की बात की जाए तो सबसे ब़डा हिस्सा करों व शुल्कों में राज्यों के हिस्से के रूप में २४ पैसे जबकि ब्याज भुगतान के रूप में १८ पैसे रहेगा। हर रुपये में से नौ पैसे रक्षा मद पर खर्च होंगे।

नई दिल्ली। वित्त वर्ष २०१८-१९ के बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए २ लाख ९५ हजार ५११ करो़ड रूपए का प्रावधान किया गया है जो पिछले वर्ष के २ लाख ७४ हजार ११४ करो़ड रूपये की तुलना में मात्र ७.८ प्रतिशत अधिक है। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने लोकसभा में वित्त वर्ष २०१८- १९ का बजट पेश करते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र के लिए आवंटित २ लाख ९५ हजार ५११ करो़ड रुपए में से १ लाख ९५ हजार ९४७ करो़ड रुपए कुल राजस्व तथा ९९ हजार ५६३.८६ करोड रूपये पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित किये गये हैं। पूंजीगत व्यय की राशि से ही आधुनिकीकरण की योजनाओं को भी पूरा किया जायेगा। इसके अलावा वर्ष २०१८-१९ के बजट अनुमान में पेंशन के मद में १ लाख ८ हजार ८५३ करोड रूपये का प्रावधान अलग से किया गया है। जेटली ने कहा कि वित्त वर्ष २०१८-१९ में रक्षा क्षेत्र का संशोधित अनुमान २ लाख ७९ हजार ००३ करो़ड रुपए था इसकी तुलना में इस बार के बजट में की गयी वृद्धि केवल ५.९१ फीसदी होती है। इससे पहले वर्ष २०१६-१७ में रक्षा क्षेत्र के लिए २.५८ लाख करो़ड, वर्ष १५-१६ में २ लाख ३० हजार १२५ करो़ड और वर्ष २०१४-१५ में २ लाख २२ हजार ३७० करोड रुपए का प्रावधान किया गया था।

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