नई दिल्ली। सरकार विश्व महिला दिवस पर आठ मार्च को देश भर की महिला सरपंचों का सम्मेलन लखनऊ में आयोजित करेगी और उसमें खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) जिलों एवं राज्यों में इस मुहिम के अगले चरण ’’ओडीएफ प्लस’’ की शुरुआत की जाएगी। केन्द्रीय स्वच्छता एवं पेयजल मंत्री उमा भारती ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सम्मेलन में देशभर की लगभग १० से १५ हजार महिला सरपंच शामिल होंगी, जिनमें सर्वाधिक उत्तर प्रदेश की महिला सरपंचों की होगी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और कौशल विकास मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान भी शिरकत करेंगे। ओडीएफ प्लस योजना की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि खुले में शौच से मुक्त होने के बाद भी गांवों को पूर्ण स्वच्छता के लिए कचरे से खाद एवं ऊर्जा बनाने और महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से सेनेटरी नैपकिन बनाने आदि कामों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम चलाने एवं मुद्रा योजना से इसके लिए ऋण उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा उत्तराखंड एवं राजस्थान सहित कई राज्यों में स्वजल योजना चलाई जाएगी। सुश्री भारती ने कहा कि ओडीएफ प्लस योजना में महिलाओं खासकर ग्रामीण महिलाओं और शहरों में म़जदूरी के लिए जाने वाले लोगों के परिवार की महिलाओं को उनके निवास के समीप ही रो़जगार के अवसर मुहैया होंगे और वे ज़्यादा कमा सकेंगी। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी योजना तैयार हो चुकी है और इसमें राज्यों की पूरी भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि शहरों में म़जदूरी के लिए आने वाले पुरुषों के साथ उनके सहयोग के लिए पत्नियां एवं परिवार की जो अन्य महिलाएं आतीं हैं, उन्हें बहुत अमानवीय स्थितियों में जीवनयापन करना प़डता है। इस ओडीएफ प्लस से उन्हें सर्वाधिक लाभ होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वि़जन के अनुरूप इससे ग्रामीण क्षेत्रों में ब़डे पैमाने पर रो़जगार पैदा होगा और गांवों में स्वावलंबन को ब़ढावा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे ओडीएफ के लक्ष्य हासिल करने में पीछे चल रहे उत्तर प्रदेश एवं बिहार को इस दिशा में तेजी से आगे ब़ढने का बल मिलेगा।

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