mahesh and alia bhatt
mahesh and alia bhatt

मुंबई/एजेंसी। लंबे इंतजार के बाद ही सही, दिग्गज फिल्मकार महेश भट्ट के डायरेक्शन के दीवानों के लिए एक खुशखबरी है। अपने 70वें जन्मदिन पर महेश भट्ट ने 90 के दशक की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘सड़क’ का सीक्वल ‘सड़क 2’ को लेकर अधिकारिक घोषणा कर दी है। लंबे अरसे से निर्देशन से दूर महेश भट्ट ने जहां 27 साल पहले फिल्म ‘सड़क’ में अपनी बेटी पूजा भट्ट को निर्देशित किया था। वहीं अब इस फिल्म के जरिए महेश भट्ट पहली बार अपनी दूसरी बेटी आलिया भट्ट को भी निर्देशित करते नजर आएंगे।

आलिया भट्ट ने पापा के बर्थडे पर इस फिल्म की पूरी कास्ट का एक फोटो शेयर किया है। ‘सड़क’ में जहां पूजा भट्ट और संजय दत्त की जोड़ी नजर आई थीं, वहीं ‘सड़क 2’ में संजय दत्त और पूजा भट्ट के साथ ही आलिया भट्ट और आदित्य रॉय कपूर नजर आएंगे। ‘सड़क’ के सीक्वल को लेकर लंबे समय से अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन इस खास दिन इस घोषणा से महेश भट्ट के फैंस को इमोशनल पल दिए हैं।

यह फिल्म लंबे समय के बाद महेश भट्ट के डायरेक्शन में बनने वाली फिल्म के रूप में तो खास है ही लेकिन इसे बेहद खास बनाने वाली कई वजहें हैं। जैसे यह फिल्म छोटी बेटी और फेमस एक्ट्रेस आलिया भट्ट के साथ महेश भट्ट की पहली फिल्म होगी, क्योंकि जब आलिया एक्टिंग के लिए तैयार हुई तब महेश भट्ट डायरेक्शन से दूरी बना चुके थे। इसलिए आलिया ने करन जोहर की फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से डेब्यू किया था।

बता दें कि बड़ी बेटी पूजा भट्ट का बॉलीवुड डेब्यू पिता की फिल्म से ही हुआ था। वहीं भट्ट कैंप में ही बनी 2013 की सुपर हिट फिल्म ‘आशिकी 2’ के हीरो आदित्य रॉय कपूर के लिए भी स्पेशल होगी। क्योंकि उन्हें भी महेश भट्ट के साथ काम करने का मौका मिलेगा। महेश भट्ट ने बताया कि ‘सड़क 2’ बनाई जाए यह इच्छा मेरी तो थी ही पर संजय दत्त भी इस फिल्म के बनने में इंटरेटेड थे। एक दिन अचानक जब संजू बाबा ने पूछा कि सड़क 2 क्यों नहीं बन रही? तो मुझे वह बात जम गई। अपने डायरेक्शन में वापसी पर महेश ने बताया कि आलिया उनसे कई बार यह बात बोल चुकी थीं। तो वह आलिया से खुद को सुप्त ज्वालामुखी बताकर बात को मजाक में टाल देते थे।

महेश ने बताया, अचानक मेरे दिमाग में आया कि अपनी क्रिएटिविटी को वापस शुरू करूं। जबकि बीते सालों में कभी ऐसी बात जहन में नहीं आई। बदलाव का यही मजा है और यही जिंदगी है। मुझे उम्मीद है कि यह वापसी फुल ऑन जोरदार होगी।

हर घर में हैं मानसिक रोगी
महेश ने फिल्म के बारे में बात करते हुए कहा था कि यह फिल्म हमारे समाज में अकेलेपन, सांप्रदायिक सद्भाव और मानसिक स्वास्थ्य जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर है। भट्ट ने कहा, जब आप मधुमेह से पीड़ित होते हैं, तो आपको इंसुलिन शॉट लेना पड़ता है। लेकिन मानसिक इलाज को लेकर हम कोई फिक्र नहीं करते। इसी तरह जब आप अवसाद की ओर बढ़ते होते हैं तो आपको डॉक्टर सलाह की जरूरत होती है, जो मेडिटेशन से आपका इलाज करते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि हमारे देश में मानसिक बीमारी के बारे में जागरूकता की कमी है। लगभग हर घर में लोग अवसाद से पीड़ित हैं।

ये भी पढ़िए:
– बनने से पहले ही महागठबंधन में फूट, छत्तीसगढ़, मप्र और राजस्थान में कांग्रेस के साथ नहीं बसपा
– लघु बचत योजनाओं में निवेश पर मोदी सरकार ने दिया तोहफा, बढ़ाईं ब्याज दरें
– पाकिस्तान ने बुरहान समेत खूंखार आतंकियों पर जारी किए डाक टिकट, बताया ‘मासूम’ और ‘पीड़ित’
– 44 साल के शख्स ने 15 साल की लड़की से की दूसरी शादी, शरिया अदालत ने दी इजाजत

LEAVE A REPLY