बेंगलूरु। मुख्यमंत्री सिद्दरामैया ने एक विधायक द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी को धमकाने और उनके साथ बुरा बर्ताव करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जनप्रतिनिधि को इस तरह की हरकतों में शामिल न होने की सलाह दी है। सिद्दरामैया ने बुधवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि इस घटना की जानकारी होते ही उन्होंने विधायक के. शिवमूर्ति नाइक को इस तरह की हरकतों में शामिल न होने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अभी उन्हें घटना की विस्तृत जानकारी नहीं मिली है। पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद ही वह कोई कार्रवाई करेंगे।ऐसे आरोप हैं कि नाइक ने वाणिज्य, खनन और प्राणि विज्ञान के सचिव राजेन्द्र कुमार कटारिया के कार्यालय में जाकर उन्हें अपने पुत्र के खनन लाइसेंस संबंधी प्रार्थनापत्र को स्वीकृत करने को लेकर कटारिया के साथ बुरा बर्ताव किया। नाइक पर कटारिया को धमकाने और उनके काम में बाधा डालने का आरोप है। नाइक से परेशान होकर कटारिया ने आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पी. रविकुमार, राज्य के मुख्य सचिव सुभाष चंद्र कुंतिया, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एलके अतीक के समक्ष एक शिकायत की। साथ ही मुख्यमंत्री को भी इस संबंध में जानकारी दी गई। कटारिया ने आरोप लगाया है कि मंगलवार को भी नाइक ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उन्हें बताया कि इन परिस्थितियों में मेरे लिए मेरे कर्तव्यों का निर्वहन करना मुश्किल हो जाएगा। कटारिया ने कहा कि मेरे पास पुलिस में शिकायत दर्ज करने का विकल्प था लेकिन मैंने इसे टाल दिया। यह बताते हुए कि वह खनन के लिए लाइसेंस देने में सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने वाले किसी विशेष व्यक्ति का पक्ष नहीं ले सकते हैं, कटारिया ने कहा कि जब सर्वोच्च न्यायालय कर्नाटक में खनन व्यवसाय की बारीकी से निगरानी कर रहा है तो किसी के पक्ष में लाइसेंस जारी होना संभव नहीं है। कटारिया ने कहा कि विधायक के बेटे सूरज ने चित्रदुर्गा जिले में छह एक़ड भूमि पर खनन हेतु पट्टे के लिए आवेदन किया था लेकिन सूरज नाइक द्वारा दायर आवेदन नियमों के अनुसार नहीं है, इसलिए उनका आवेदन अपात्र माना गया है। कटारिया ने आरोप लगाया है कि विधायक नाइक उन पर लाइसेंस जारी करने के लिए दबाव डाले रहे हैं।

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