मदुरै। एक ओर जहां राज्य की राजनीति में दो सुपरस्टारों का आगमन चर्चा का विषय बना हुआ है वहीं दूसरी ओर लंबे समय से राजनीतिक पारी खले रहे अभिनेता से नेता बने देसीय मूरपोक्कू द्रवि़ड मुनेत्र कषगम (डीएमडीके) के अध्यक्ष विजयकांत के लोकप्रियता का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है। रविवार को शिवकाशी जिले के विरुदुनगर की इसकी एक झलक देखने को मिली। रविवार को विजयकांत शिवकाशी के पटाखा कारखानों में काम करने वाले मजदूरोंे की समस्याओं को जानने के लिए पहुंचे थे। वह पहले पटाखा फै्ट्रिरयों के कर्मचारियों से मिलने वाले थे और उसके बाद एक जनसभा को संबोधित करने वाले थे। विजयकांत अपने तय कार्यक्रम से लगभग दो घंटे विलंब से पहुंचे। विलंब से पहुंचने के कारण वह कामगारों से मिल नहीं सके। वह सीधे मंच पर लोगों को संबोधित करने के लिए पहुंचे तो लोगों के एक वर्ग ने हूटिंग शुरु कर दी। हालांकि विजयकांत के समर्थकों ने शोर मचा रहे लोगों को शांत कराया, जिसके बाद विजयकांत ने लोगों को संबोधित करना शुरु किया। जैसे ही विजयकांत ने बोलना शुरु किया वैसे ही कुछ ही देर बाद कुछ अनजान लोगों ने उनपर पत्थर फेंके। हालांकि पत्थर विजयकांत को नहीं लगे लेकिन इसके कारण उन्हें अपना भाषण थो़डी देर के लिए रोकना प़डा। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों ने पत्थर फेंकने वाले दो लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्ति शिवकाशी की ही एक पटाखा फैक्ट्री में काम करते हैं। विजयकांत ने इस अवसर पर पटाखा उद्योग के कामगारों को संबोधित करते हुए कहा कि अभी तक सर्वोच्च न्यायालय ने पटाखा उद्योगों पर प्रतबंध नहीं लगाया है इसलिए उन्हें अभी से निराश होने की जरुरत नहीं है। उन्होंने कहा कि वह शिवकासी के पटाखा उद्योग से जु़डे लोगों के साथ हैं और उनकी आजीविका पर मंडरा रहे इस संकट को समाप्त करने के लिए यथासंभव प्रयास करेंगे।डीएमडीके नेता ने कहा कि शिवकाशी के पटाखा उद्योगों पर प्रतिबंध लगाना भेदभाव पूर्ण होगा क्योंकि एक ओर जहां देश में बनने वाले पटाखों को पर्यावरण को नुकसान होने के नाम पर बंद किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर चीन से पटाखों का आयात लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि शिवकासी के पटाखा उद्योग पर निर्भर आठ लाख लोगों की आजीविका बचाने के लिए केन्द्र सरकार और राज्य सरकार को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केन्द्र सरकार के समक्ष इस मुद्दे को नहीं उठा रही है। विजयकांत ने इस अवसर पर यह घोषणा भी की कि राज्य सरकार द्वारा बस किराए में की गई बढोत्तरी के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना प़ड रहा है। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री द्वारा यह कहा जा रहा है कि राज्य में अभी भी बस का किराया अन्य राज्यों के सार्वजनिक परिवहन निगमों की तुलना में कम है लेकिन क्या वह यह बता सकते हैं कि तमिलनाडु के किस प़डोसी राज्य ने एक बार में सरकारी बसों के किराए में इतनी अधिक बढोत्तरी की है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी मंगलवार को सरकार के इस निर्णय के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है ऐसे में आम लोगों को भी इसके खिलाफ आवाज उठाने की जरुरत है।

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