चेन्नई। राज्य मंत्रिमंडल की एक अहम बैठक बुधवार को मुख्यमंत्री इडाप्पाडी के पलानीस्वामी की अगुवाई में राज्य सचिवालय में हुई। यह बैठक लगभग दो घंटे तक चली। बैठक में राज्य में पैदा हुए डेंगू संकट और सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर सरकारी कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई। राज्य सरकार ने इस बैठक में तमिलनाडु विपणन निगम (तस्माक) की दुकानों में बिकने वाली शराब की कीमतों में वृद्धि करने का निर्णय लिया।बैठक में कृषि भूमि पर सिंचाई और खेती में किसानों की मदद करने और कृषि भूमि को वाणिज्यिक भूमि में रुपांतरित करने से रोकने के लिए एक कृषि नीति तैयार करने पर भी सहमति बनी। मंत्रिमंडल ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर सरकारी कर्मचारियों के वेतन में २० प्रतिशत वृद्धि करने का निर्णय लिया है। बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वेतन आयोग की सिफारिशों के सुझावों का अच्छी तरह से अध्ययन किया जाएगा और वेतन वृद्धि के बारे में अंतिम घोषणा जल्द ही की जाएगी। ज्ञातव्य है कि राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता ने इस बार का कार्यकाल संभालते ही ५०० शराब की दुकानों को बंद कराया था। इसके बाद दूसरे चरण में उन्होंने ५०० शराब की दुकानें बंद करने का आदेश दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम के बाद राज्य के मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने वाले मौजूदा मुख्यमंत्री इडाप्पाडी के पलानीस्वामी ने ५०० दुकानों को बंद कराया था। राज्य में तस्माक की १५०० दुकानों के बंद होने के कारण राज्य सरकार को राजस्व में कमी का सामना करना प़ड रहा था इसलिए सरकार ने शराब की कीमतों में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल ने सर्वसम्मति से तस्माक दुकानों में बिकने वाली शराब की कीमतों में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय से राज्य सरकार को अपने राजस्व में ५००० करो़ड रुपए तक की वृद्धि करने में मदद मिलेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार ने शराब की बोतलों की कीमत में १० से १२ रुपए तक बढोत्तरी करने का निर्णय लिया है।बैठक में प्रत्येक जिले में डेंगू बीमारी के नियंत्रण के लिए किए गए प्रयासों पर भी चर्चा की गई। सभी डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में नियुक्त विशेष अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले कार्यों और लोगों के बीच जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान ’’निलेवेम्बु कुडीनीर’’ पेय का वितरण और डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए लोगों को संवेदनशील बनाने के कार्यक्रम में राज्य की जनता को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया। स्वास्थ्य मंत्री सी विजय भाष्कर और नगरपालिका प्रशासन मंत्री एसपी वेलूमणि ने राज्य में स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न स्थानीय निकायों द्वारा मिलकर डेंगू नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान और डेंगू से पीि़डत मरीजों को दिए जा रहे उपचार के बारे में बताया। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार ने राज्य मेंें डेंगू के बढते मामलों पर गौर करते हुए डेंंगू नियंत्रण के लिए अतिरिक्त राशि आवंटित करने का भी निर्णय लिया है।बैठक में कृषि भूमि पर नीति तैयार करने का निर्णय लिया गया है। उप मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने पत्रकारों को बताया कि सरकार ने अनाधिकृत रुप से कृषि भूमि को वाणिज्यिक भूमि में बदलने की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए यह नीति तैयार करने का फैसल किया है। इस नीति को जल्द ही मद्रास उच्च न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मद्रास उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को कृषि भूखंडों को वाणिज्यिक भूखंडों में परिवर्तित करने से रोकने के लिए नीति तैयार करने का निर्देश दिया था। डेंगू के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि डेंगू बीमारी अब राज्य में नियंत्रण में है। सरकार की ओर से डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल कार्रवाई करने के लिए टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा डेंगू जांच केन्द्रों और सरकारी अस्पतालों के माध्यम से डेंगू पीि़डत रोगियों को समुचित उपचार दिया जा रहा है।

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