बेंगलूरु। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के सदस्यों ने गुरुवार को केन्द्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और अपने कार्यकारी अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव की अगुवाई में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से आयकर विभाग के कार्यालय तक रैली निकाली। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की अगुवाई वाली केन्द्र सरकार केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो(सीबीआई) और आयकर विभाग जैसी केन्द्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है और कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों को निशाना बनाने के लिए इन विभागों द्वारा छापेमारी की जा रही है। गुरुवार को ही प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार और उनके भाई तथा लोकसभा सदस्य डीके सुरेश हाल ही में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिलने के बाद उनकी संपत्तियों पर की गई छापेमारी के दौरान बरामद किए गए दस्तावेजों के संबंध में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष उपस्थित हुए। इस बीच शिवकुमार ने अपने वकील शेषचला के माध्यम से गुरुवार को अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की। शिवकुमार के अधिवक्ता ने जमानत याचिका में कहा है कि उनके मुवक्किल आयकर विभाग द्वारा उनके घर पर की गई छापेमारी के दौरान मौजूद नहीं थे। जब आयकर विभाग के अधिकारी एगलेटन स्थित उनके निवास पर आए तो वह चौंक गए और उन्होंने इसी मन:स्थिति में कुछ कागजों को नष्ट कर दिया लेकिन यह कागज साक्ष्य नहीं थे। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ता प्रभुलिंगा नावाडागी ने अपना पक्ष रखते हुए अदालत से जमानत नहीं देने का अनुरोध किया क्योंकि इस मामले में हिरासत में लेकर पूछताछ करना आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि शिवकुमार ने छापा मारने वाले अधिकारियों के सामने दस्तावेजों को नष्ट किया था और यदि उन्हें जमानत दी जाती है तो यह संभव है कि वह अन्य साक्ष्यों को भी प्रभावित करने की कोशिश करेंगे। विशेष अदालत के न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।

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