बेंगलूरु। चुनाव के दौरान जनता से कनेक्ट होने के लिए राजनेता कई प्रकार के रास्ते अपनाते हैं और कर्नाटक विधानसभा चुनाव के पूर्व राज्य का दौरा कर रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के भी हर दिन नए नए रूप देखने को मिल रहे हैं। कांग्रेस के दक्षिण भारत के इस आखिरी दुर्ग कर्नाटक में पार्टी की सत्ता बरकरार रखने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जी-तोड़ मेहनत करने में जुटे हैं। इसके लिए वे हर उस दांव का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे चुनाव में जीत मिले।
राहुल गांधी इस समय कर्नाटक में भी गुजरात चुनाव प्रचार में मिले अनुभव का इस्तेमाल कर रहे हैं। राहुल ने हाल ही में हुए गुजरात चुनाव में अपनी पार्टी की तरफ से चुनावी अभियान की जिम्मेदारी संभाली थी। लिहाजा इसका अनुभव भी उन्हें हासिल है। कर्नाटक में इसका असर दिख रहा है। वे न सिर्फ मंदिर, मठों और दरगाहों पर जा रहे हैं, बल्कि सड़क किनारे की चाय दुकानों पर अपने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकर कर्नाटक चाय- पकोड़े और नाश्ते का भी आनंद उठा रहे हैं।
सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सबसे पहले रायचूर जिले में एक दरगाह पर जाकर चादरपोशी की। यहां भी उनके साथ मुख्यमंत्री सिद्दरामैया सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इसके बाद उन्होंने एक रोड शो भी किया। राहुल गांधी के रोड शो में कांग्रेस समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी। अपने चुनावी अभियान के दौरान अचानक राहुल गांधी अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ यादगीर जिले में शाहपुरा तालुक में कालमल गांव में सड़क किनारे की एक दुकान पर चाय पीने पहुंच गए। इस दौरान राहुल गांधी ने चाय और पकोडों के साथ पोहा का लुत्फ उठाया।
गौरतलब है कि गुजरात चुनाव के दौरान भी राहुल गांधी ने सड़क किनारे की चाय दुकानों पर चाय के साथ गुजराती नाश्ते का स्वाद चखा था। रविवार को राहुल गांधी कोप्पल के कनकगिरि स्थित कनकचलापति मंदिर गए थे। यहां उन्होंने प्रसिद्ध हुलिगम्मा मंदिर में भी दर्शन किए। उसके बाद वे गवी सिद्धेश्‍वर मठ में भी गए। यह मठ बहुसंख्यक लिंगायत समुदाय का है।

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