चेन्नई। मद्रास उच्च न्यायालय ने सोमवार को राज्य में दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी एयरसेल की सेवाओं को बहाल करने के लिए टेलीफोन रेग्यूलेटरी ऑथरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) को समुचित निर्देश देने की मांग के साथ दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केन्द्रीय दूरसंचार मंत्रालय को नोटिस जारी किया। जी सर्वणा कुमार नामक एक व्यक्ति ने इस संबंध में एक जनहित याचिका दायर कर अदालत से अनुरोध किया है कि कंपनी को मोबाइल पोर्टेबलिटी सुविधा पुनस्र्थापित करने का निर्देश दिया जाए ताकि एयरसेल के मौजूदा उपभोक्ता दूसरी दूरसंचार प्रदाता कंपनियों में अपना नंबर पोर्ट करवा सकंें।याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में बताया है कि वह पिछले १० वर्षों से एयरसेल के प्रीपेड मोबाइल फोन का उपभोक्ता हैं। २१ फरवरी को बिना किसी पूर्व सूचना के कंपनी द्वारा प्रदान की जा रही सेवाएं राज्य में बंद हो गई। बाद में एयरसेल के दक्षिण भारत के प्रमुख की ओर से जारी बयान से उसे इस बात की जानकारी हुई कि राज्य में स्थित ९००० मोबाइल टावरों में से ६,५०० टावरों को कंपनी द्वारा किराया का भुगतान नहीं करने के कारण संचालित नहीं किया जा सकता है जिससे राज्य में इसकी सेवाएं प्रभावित हो रही है। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में बताया है कि कंपनी द्वारा अचानक अपनी सेवाओं को बंद करने के कारण राज्य भर में कंपनी के २५ लाख उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं। उसने याचिका में कहा है कि कंपनी की ओर से इस प्रकार की गतिविधि अनैतिक है और सरकार तथा ट्राई द्वारा इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए लेकिन अभी तक न तो केन्द्र सरकार ट्राई दोनों ही इस मामले में कोई भी कार्रवाई करने में पूरी तरह से विफल हुए हैं। इसके कारण लोगों को काफी असुविधा हो रही है। सर्वणा ने न्यायालय को बताया है कि एयरसेल कंपनी का मोबाइल रखने वाले उपभोक्ताओं में काफी ऐसे भी हैं जिन्होंने अपना मोबाइन नंबर गैस सब्सिडी प्राप्त करने के साथ ही अन्य सरकारी योजनाओं के लिए पंजीकृत करवा रखा था जिसके कारण उन्हें अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आवश्यक सूचनाएं प्राप्त नहीं हो रही है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि राज्य के लगभग आठ लाख उपभोक्ताओं ने मोबाइल पोर्टबलिटी के लिए आवेदन दिया है और एयरसेल कंपनी द्वारा उनके मोबाइल पर अपनी सेवाएं बंद किए बगैर वह अपना नंबर दूसरे कंपनी में पोर्ट नहीं करवा सकते हैं। उसने अदालत से अनुरोध किया कि ट्राई को एयरसेल कंपनी के उपभोक्ताओं की सेवा तत्काल बहाल करने का निर्देश दिया जाए।

LEAVE A REPLY