jain muni tarun sagar ji
jain muni tarun sagar ji

दिगंबर जैन मुनि तरुण सागरजी अपने प्रवचनों के लिए विख्यात रहे। वे ‘कड़वे प्रवचन’ के तौर पर अपना पैगाम देते थे जिसमें देश, समाज, परिवार जैसे विभिन्न विषय शामिल होते। काफी लोग उनमें श्रद्धा रखते थे।

नई दिल्ली। अपने ‘कड़वे प्रवचन’ के लिए विख्यात जैन मुनि तरुण सागरजी का शनिवार सुबह निधन हो गया। वे 51 साल के थे। जानकारी के अनुसार, तरुण सागर काफी समय से अस्वस्थ थे। उन्हें पीलिया हो गया था। उन्होंने कृष्णा नगर के राधापुरी जैन मंदिर में सुबह करीब 3 बजे देह त्यागी। मुरादनगर स्थित तरुणसागरम में उनका अंतिम संस्कार होगा।

उल्लेखनीय है कि दिगंबर जैन मुनि तरुण सागरजी अपने प्रवचनों के लिए विख्यात रहे। वे ‘कड़वे प्रवचन’ के तौर पर अपना पैगाम देते थे जिसमें देश, समाज, परिवार जैसे विभिन्न विषय शामिल होते। काफी लोग उनमें श्रद्धा रखते थे। उनके प्रवचन सुनने हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती थी। वे अपने प्रवचनों में ऐसे विषयों को भी शामिल करते थे जिनका प्राय: दूसरे धर्मोपदेशक जिक्र नहीं करते थे। इसलिए विभिन्न धर्मों के अनुयायी उनके प्रवचन सुनने आते थे। वे इंटरनेट पर भी काफी सर्च किए जाते थे।

काफी इलाज के बाद भी जब उनकी सेहत में सुधार नहीं हुआ तो उन्होंने इलाज लेना बंद कर दिया। उनका जन्म 1967 में मध्य प्रदेश में हुआ था। उनके बचपन का नाम पवन कुमार जैन था। प्रतापचंद्र जैन उनके पिता थे। उनकी माता का नाम शांति बाई जैन था। जैन मुनि ने देश के कई स्थानों पर प्रवचन देकर लाखों लोगों को प्रभावित किया था। उनके निधन का समाचार पाकर शोक की लहर दौड़ गई।

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1 COMMENT

  1. नमस्ते। समाचार पढ़ कर बहुत दुख हुआ। मुझे भी तरुण सागर जी महाराज का प्रवचन सुन ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। तरुण सागर जी महाराज का प्रवचन हमेशा तरुण रहे😂गा। भाव भीनी श्रद्धांजलि।

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