piyush goyal
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पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट पेश कर कई योजनाओं का ऐलान किया

नई दिल्ली/दक्षिण भारत डेस्क। मोदी सरकार ने शुक्रवार को अपने मौजूदा कार्यकाल का आखिरी बजट पेश कर दिया। कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में बजट भाषण देते हुए कई बड़ी घोषणाएं कीं। इस अंतरिम बजट में गांव, गरीब और किसानों का खासा ध्यान रखा गया। वहीं मध्यम वर्ग को भी आयकर में छूट दी गई, जिसका लंबे अरसे से इंतजार किया जा रहा था। कुल मिलाकर बजट में हर वर्ग को कुछ न कुछ सहूलियत देने की कोशिश की गई है।

पीयूष गोयल ने बजट भाषण की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के लिए अच्छी सेहत और दीर्घायु की कामना की। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कई ऐलान किए। गोयल ने कहा कि मैं गर्व से कह सकता हूं कि भारत पूरी मजबूती से वापस विकास-पथ पर लौट आया है और समृद्धि की ओर बढ़ रहा है। पिछले पांच वर्षों में भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक चमकते सितारे के रूप में मान्यता मिली है। वर्ष 2013-14 में विश्व की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के दर्जे से बढ़ते हुए हम छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। जानिए, इस बजट में किसे क्या सौगात मिली है।

गांव-गरीब के लिए खोला खजाना
गोयल ने कहा कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार गरीबों का है। उन्होंने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़ों को शिक्षा व सरकारी नौकरियों में दिए 10 प्रतिशत आरक्षण का जिक्र किया। इन संस्थानों में औसतन अतिरिक्त 25 प्रतिशत सीटें (लगभग 2 लाख) उपलब्ध कराई जाएंगी। इसी प्रकार मनरेगा के लिए 2019-20 में 60 हजार करोड़ रु. का आवंटन किया जाएगा। आवश्यकता हुई तो और राशि उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 2019-20 में 19 हजार करोड़ का आवंटन किया जाएगा।

सौभाग्य योजना से घर-घर तक बिजली पहुंचाने को सरकार की उपलब्धि बताया। यह भी कहा कि इसी साल मार्च तक सभी इच्छुक परिवारों को बिजली का कनेक्शन मिल जाएगा। पीयूष गोयल ने ‘आयुष्मान भारत’ के फायदे गिनाते हुए कहा कि पहले ही लगभग 10 लाख लोग निशुल्क उपचार करवा चुके हैं। 22वां नया एम्स हरियाणा में खोलने का ऐलान किया। सरकार एक लाख गांवों को अगले पांच साल में डिजिटल गांव बनाएगी।

किसानों के खाते में धनवर्षा
छोटे और सीमांत किसानों को निश्चित आय सहायता मुहैया कराने के लिए ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ की घोषणा की गई। इस कार्यक्रम के तहत 2 हैक्टेयर तक की जोत वाले किसानों को हर साल 6,000 रु. की दर से प्रत्यक्ष आय सहायता दी जाएगी। यह रकम तीन बराबर किस्तों में किसानों के बैंक खातों में आएगी। इससे करीब 12 करोड़ किसान परिवारों को फायदा होगा।

गोवंश का भी रखा ध्यान
गोवंश के आनुवंशिक उन्नयन को स्थायी रूप से बढ़ाने और उत्पादन में वृद्धि के लिए ‘राष्ट्रीय कामधेनु आयोग’ बनाने की घोषणा की। सरकार ने मत्स्य पालन विभाग बनाने का फैसला लिया है। पशु पालन और मत्स्य पालन के क्षेत्र में कार्यरत किसानों को 2 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी का फायदा मिलेगा। समय पर ऋण चुकाने पर 3 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी मिलेगी। प्राकृतिक आपदा की स्थिति में जहां एनडीआरएफ द्वारा सहायता पहुंचाई गई हो, वहां के किसानों को 2 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और ऋण निर्धारण संपूर्ण अवधि के लिए तत्काल भुगतान के प्रोत्साहन के रूप में 3 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी मिलेगी।

कामगारों को पेंशन का फायदा
गोयल ने बताया कि न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) को और उदार किया गया है। कर्मचारियों के हिस्से को 10 प्रतिशत रखते हुए सरकार का योगदान 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया है। असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन वृहत् पेंशन योजना का ऐलान किया गया। इसका फायदा उन्हें मिलेगा जिनकी मासिक आय 15 हजार या उससे कम है। इसके तहत छोटा-सा अंशदान करने पर 60 साल की आयु से 3,000 रु. हर माह पेंशन मिलेगी।

मध्यम वर्ग को बड़ी सौगात
पीयूष गोयल ने ईमानदार करदाताओं का आभार व्यक्त किया। इस दौरान मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए 5 लाख रु. तक की वार्षिक आय को टैक्स में पूरी छूट देने की घोषणा की। इसके बाद लोकसभा में ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगे। वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन 40 हजार रु. से बढ़ाकर 50 हजार रु. किया गया। 6.5 लाख रु. तक की कमाई करने वाले प्रोविडेंट फंड और अन्य इक्विटीज में निवेश करते हैं तो भी आयकर नहीं लगेगा। इसी प्रकार बैंक और डाकघरों में जमा धनराशियों से अर्जित ब्याज पर स्रोत पर कर की कटौती की सीमा 10,000 रु. से बढ़ाकर 40,000 रु. कर दी गई। इससे उन लोगों को फायदा होगा जो छोटी जमाएं करते हैं। पीयूष गोयल ने कहा कि हमारी नीयत साफ, नीति स्पष्ट और निष्ठा अटल है।

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