नई दिल्ली। भारत और स्विट़्जरलैंड ने काला धन, हवाला कारोबार तथा हथियारों एवं नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए गुरुवार को मिलकर काम करने का इरादा व्यक्त किया और आपसी व्यापार एवं निवेश को ब़ढाने के लिए नई द्विपक्षीय निवेश संधि पर बातचीत आगे ब़ढाने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्विट़्जरलैंड की राष्ट्रपति डोरिस लेथार्ड के बीच यहां हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय शिखर बैठक में ये फैसले लिए गए।दोनों देशों ने इस मौके पर रेलवे के क्षेत्र में सहयोग के दो करारों पर हस्ताक्षर किए। दोनों नेताओं ने जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में सहयोग करने और व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास के लिए संयुक्त पहल स्किलसोनिक्स को विस्तार देने का भी निर्णय लिया। मोदी ने बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, आज हमने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक विषयों पर व्यापक तथा सार्थक चर्चा की है। इस यात्रा से, हमारे मजबूत द्विपक्षीय संबंध और आगे ब़ढे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के बीच व्यापारिक एवं आर्थिक साझेदारी समझौते पर भी चर्चा की गई और दोनों ही पक्षों ने इस समझौते को पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की है।प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के सामने वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता चिंता का गहन विषय है। चाहे वह काला धन हो, गलत ढंग से कमाया धन हो, हवाला हो या हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी से संबंधित धन हो। इस वैश्विक अभिशाप से निपटने के लिए स्विट्जरलैंड के साथ हमारा सहयोग जारी है। उन्होंने कहा, पिछले साल हमने टैक्स से जु़डी जानकारी के स्वचालित आदान प्रदान के लिए एक संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए थे। इसके अंतर्गत स्विटजरलैंड में आंतरिक प्रक्रिया पूरी होने पर सूचना हमारे साथ स्वत: साझा की जाएगी।मोदी ने कहा कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हमारे आर्थिक संबंधों का एक महत्वपूर्ण आधार है और भारत स्विस निवेशकों का विशेष रूप से स्वागत करता है। इस संदर्भ में हम एक नई द्विपक्षीय निवेश संधि पर बातचीत जारी रखने की आवश्यकता पर सहमत हुए हैं। मोदी ने मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) में भारत की सदस्यता के आवेदन को समर्थन देने के लिए स्विटजरलैंड का आभार व्यक्त किया और भारत के स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता को ़जरूरी बताया। उन्होंने एनएसजी की सदस्यता के लिए स्विटजरलैंड के निरंतर समर्थन के लिए भी उन्हें धन्यवाद दिया।लेथार्ड ने कहा कि हम भारत के ्क्लिल इंडिया, डिजीटल इंडिया, क्लीन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्मार्ट सिटी़ज कार्यक्रमों में एक भरोसेमंद साझीदार हो सकते हैं। स्विस राष्ट्रपति ने काले धन के विरुद्ध मोदी की मुहिम की सराहना करते हुए कहा कि उनके देश में काले धन को सफेद बनाने को लेकर कठोरतम कानून है और उन्हें खुशी होगी यदि अन्य देश भी उसे अपनाएं। उन्होंने कहा कि स्विट़्जरलैंड एक महत्वपूर्ण वित्तीय ताकत रहेगा और हमारा हित एक पारदर्शी, सहयोगी और अच्छे विश्वसनीय साझेदार के तौर पर काम करने में हैं।

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