तुर्कमेनिस्तान-अफगानिस्तान-पाकिस्तान-भारत यानी तापी गैस पाइप लाइन को लेकर अच्छी खबर आई है। अफगानिस्तान खंड में इस पाइप लाइन का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यह अच्छा संकेत इसलिए माना जाना चाहिए कि यह पाइप लाइन भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को ठीक करने की उम्मीद जगाती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अब नई दिल्ली ऐसी ही अन्य परियोजना ईरान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइप लाइन पर भी गंभीरता से करेगी। ईरानी राष्ट्रपति के भारत दौरे से यह स्पष्ट हो गया था कि दक्षिण एशिया में ब़ढ रहे ऊर्जा संकट का समाधान तलाशने के लिए तमाम मुल्क गंभीर हैं्। हालांकि इस ऊर्जा संकट को दूर करने में बाधाएं आएंगी, क्योंकि इस इलाके में पश्चिमी ताकतों के भी अपने हित हैं्। पश्चिम और मध्य-पूर्व एशिया में कई देशों के अमेरिका से अच्छे और बुरे संबंध इस इलाके की कूटनीति पर खासा असर डालते हैं्। पहले भी प्रस्तावित ईरान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइप लाइन में अमेरिका ही मुख्य बाधा बना था। रास्ते अब भी आसान नहीं हैं्। हेरात के बाद जब कंधार इलाके में तापी गैस पाइप लाइन का काम शुरू होगा, तो इस तमाम मुश्किलें आएंगी। यह इलाका तालिबान का ग़ढ है। आज भी वहां के ब़डे हिस्से पर तालिबान काबिज है। उसके आतंकी तापी पाइप लाइन में बाधा डालेंगे। अफगानिस्तान सरकार इससे कैसे निपटेगी, यह तो समय बताएगा। वहां से पाइप लाइन पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत पहुंचेगी। बलूचिस्तान में जब काम शुरू होगा तो पाकिस्तानी सरकार को कई अलग-अलग आतंकी गुटों से निपटना होगा। इस इलाके में बलोची आतंकी गुटों के साथ ही अफगान और पाकिस्तानी तालिबान सक्रिय हैं्। बताया जाता है कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के कामकाज में आतंकी गुटों ने खासी मुश्किलें पैदा की हैं्। अब चीन खुद बलोच आतंकी गुटों से बातचीत कर रहा है। बलूचिस्तान के बाद तापी गैस पाइप लाइन के निर्माण को लेकर असली परीक्षा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में होगी। यह इलाका भारत विरोधी आतंकी गुटों का ग़ढ है। इसमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी गिरोह शामिल हैं्। विशेषज्ञों का कहना है कि तापी गैस पाइप लाइन के कार्यरूप में आने के बाद भारत को प्राथमिक लाभ ऊर्जा क्षेत्र में होगा। दूसरा लाभ आतंकवाद से बचाव में होगा। संभावना जताई जा रही है कि गैस पाइप लाइन शुरू हो जाने से पाकिस्तान में रोजगार के अवसर पैदा होंगे और इससे भारत में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी घटनाओं में कमी आएगी। वहीं पाकिस्तान को भी इस पाइप लाइन से कई लाभ होंगे। पाकिस्तान में ऊर्जा का भारी संकट है। तापी पाइप लाइन शुरू होने से यहां ऊर्जा संकट खत्म होगा। बंद प़डे उद्योग दोबारा शुरू होंगे। शहरी इलाकों में रोजगार पैदा होंगे और आतंकी गुटों को बेरोजगार नौजवान मिलने बंद हो जाएंगे।

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