लीमा/भाषाउपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने अपनी पेरू यात्रा के दौरान यहां शीर्ष नेतृत्व के साथ गहन वार्ता की। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों को इस वर्ष ५५ साल पूरे हो गए हैं। पेरू के नेतृत्व ने भारत के साथ व्यापार संबंधों को विस्तृत करने पर बात की। उसका मानना है कि वह भारत की सफलता से सीखकर उसका अपने हित में लाभ ले सकता है। नायडू ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में गुणवत्तायुक्त एवं लागत प्रभावी जेनरिक दवाओं, सूचना प्रौद्योगिकी, रक्षा उपकरण, विज्ञान एवं तकनीक और अंतरिक्ष क्षेत्र समेत अन्य मामलों में भारत की क्षमताओं का उल्लेख किया। पेरू के प्रधानमंत्री सीजर विलानुएवा बार्दालेस ने माना कि दवा क्षेत्र में भारत अग्रणी है और पेरू इसका फायदा उठा सकता है। उनके नेतृत्व में चार मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल इस वार्ता में मौजूद रहा। पेरू के विदेश मंत्री नेस्टर पोपोलिजियो बार्दालेस ने कहा कि भारत अपने कद, भूमिका और वैश्विक मामलों में जिम्मेदारियों को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य होने की पात्रता रखता है। उन्होंने इस संबंध में भारत को समर्थन देने का वादा भी दोहराया। पेरू की स्वास्थ्य मंत्री सिल्विया पीसा एल्जे ने सुझाया कि भारत सरकार पेरू में जेनरिक दवाओं के उत्पादन के लिए भारतीय कंपनियों से यहां संयंत्र लगाने के लिए कहे। पेरू के विदेश, व्यापार एवं पर्यटन मंत्री रोजर्स वालेंसिया एस्पिनोजा ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार की संभावना पर बातचीत की।

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