christian michel
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नई दिल्ली। अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे के कथित घोटाले के बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उसे पांच दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। वह मंगलवार रात को ही संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर से भारत लाया गया था। उसके प्रत्यर्पण के लिए भारतीय एजेंसियां सक्रिय थीं। इस पूरे अभियान का नेतृत्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल कर रहे थे।

अदालत में सीबीआई के वकील ने मिशेल की हिरासत की मांग की थी। उसकी ओर से यह दलील दी गई कि मिशेल को हिरासत में लेकर उससे कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों के संबंध में पूछताछ करनी है। यह भी कहा गया कि इस मामले की जांच हो रही है। आरोपी को हिरासत में लिया जाना इसलिए भी जरूरी बताया गया क्योंकि दुबई के दो खातों में रकम भेजी गई थी।

मिशेल के भारत आने के साथ ही यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को राजस्थान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए भी इसका जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि संप्रग सरकार के समय देश में वीवीआईपी हेलीकॉप्टर का घोटाला हुआ। हम सरकार में आने के बाद उस घोटाले की जांच में निकले और उसमें से एक राजदार हमारे हाथ लग गया। मोदी ने कहा कि आज अखबारों में पढ़ा होगा कि भारत सरकार उस राज़दार को दुबई से ले आई है। अब यह राज़दार राज़ खोलेगा तो पता नहीं बात कितनी दूर तक जाएगी।

मिशेल को कानून के कठघरे में खड़ा करना भारतीय एजेंसियों की बड़ी कामयाबी है। अब तक विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के फरार होने के बाद देश में एजेंसियों की आलोचना हो रही थी। मिशेल के प्रत्यर्पण से एक सख्त संदेश गया है। माना जा रहा है कि वह हेलीकॉप्टर सौदे के घोटाले में कई खुलासे कर सकता है। उस पर रिश्वत के रूप में 225 करोड़ रुपए लेने का भी आरोप है। इस मामले में ईडी का कहना है कि यह रकम कंपनी ने 12 हेलीकॉप्टरों के समझौते को अपने पक्ष में कराने के लिए वास्तविक लेन-देन के नाम पर दी और यह रिश्वत थी।

एजेंसी का कहना है कि मिशेल ने यह रकम दुबई में स्थित कंपनी के माध्यम से ली थी। एक रिपोर्ट के अनुसार, सौदे में कुछ नामों का विवरण कोड में लिखा गया था। अब पूछताछ के दौरान उम्मीद जताई जा रही है कि मिशेल उनका खुलासा कर सकता है। मिशेल के पकड़ में आने के बाद चर्चा है कि अगस्ता मामला जोर पकड़ेगा। चूंकि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद देश में लोकसभा चुनाव का माहौल बनना शुरू होगा। ऐसे में भाजपा इस मामले को उठाकर कांग्रेस पर सवाल दागने से नहीं चूकेगी।

वकील पर विवाद
अदालत में मिशेल की ओर से वकील अल्जो के जोसेफ पेश हुए। कुछ रिपोर्टों में उनके कांग्रेस मुख्यालय में नजर आने की बात कही गई, जिसके बाद इस मामले ने भी तूल पकड़ लिया। वे यहां कांग्रेस महासचिव दीपक बाबरिया से मुलाकात के लिए आए थे। रिपोर्ट में बताया गया कि जोसेफ युवा कांग्रेस के कानूनी विभाग के प्रभारी हैं। इस पर जोसेफ ने कहा कि वे एक वकील हैं और अपने पेशे के तहत मिशेल की तरफ से अदालत में पेश हुए। उन्होंने कहा कि किसी क्लाइंट की ओर से पेश होना ड्यूटी का हिस्सा है। उस समय कांग्रेस से लेनादेना नहीं है। उन्होंने कहा कि पेशा अलग है और कांग्रेस से उनके संबंध अलग। उन्होंने बताया कि एक दोस्त के जरिए इटली के वकील ने उनसे संपर्क किया था, जिसके बाद वे मिशेल की ओर से अदालत में पेश हुए। मामले पर विवाद के बाद युवा कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया है।

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