अखरोट स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत ही अच्छा माना जाता है। अखरोट में फाइबर, विटामिन बी, मैग्नीशियम और एंटी ऑक्सीडेंट्स अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। यह बाल और त्वचा दोनों को स्वस्थ रखता है। यह अस्थमा, ऑर्थराइटिस, त्वचा की समस्याओं, एक्जीमा और सोरियसिस जैसी बीमारियों से सुरक्षा देता है। अखरोट से दिल की बीमारी काफी हद तक टाली जा सकती है। यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी कम रखता है। इसमें ओमेगा-३ फैटी एसिड भी होता है, तो ऐसे लोग जिनको हार्ट संबंधी बीमारी है, उन्हें अखरोट जरूर खाना चाहिए।ृक्वद्यह्ट्ट ·र्ष्ठैं ·र्रुैंच्ण ृय्स्प्तथ्र्‍द्भ झ्श्नद्भह्ख् * अखरोट के फल के बाह्य कठोर आवरण को तो़डकर अंदर की गीरी को १० से २० ग्राम ़की मात्रा में गाय के गुनगुने दूध से नित्य सेवन करना रसायन गुणों से युक्त अर्थात शारीरिक क्षय को रोकने वाला प्रभाव देता है।* अखरोट के पे़ड की छाल को मुंह में रखकर चबाने से मुख रोगों में लाभ मिलता है तथा फल के बाहरी कठोर आवरण को चूर्ण बनाकर आग में जलाकर मंजन के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।* अखरोट के पे़ड की छाल का काढा पेट के की़डे खत्म कर देता है।* महिलाओं से संबंधित समस्याओं में फल के कठोर आवरण को चूर्ण बनाकर २० से २५ मिली की मात्रा में शहद के साथ पिलाने से लाभ मिलता है। इसी का़ढे का प्रयोग सुबह शाम सेवन करने से मलबद्धता(कॉन्स्टीपेशन) की समस्या भी दूर होती है।* अखरोट के फलों की गीरी को पांच से दस ग्राम, छुहारे बीस से तीस ग्राम और बादाम पांच ग्राम की मात्रा में एक साथ कूटकर गाय के घी में भूनकर प्राप्त चूर्ण में थो़डी मिश्री मिलाकर दस ग्राम नित्य प्रात:काल सेवन करने से डाइबिटीज को दूर करने में मदद मिलती है।* अखरोट के फलों के कठोर आवरण को जलाकर, इसमें पांच से दस ग्राम मात्रा में गु़ड मिला दें ,अब इसे पांच से दस ग्राम की मात्रा में स्वप्न दोष से पीि़डत रोगी को दें, निश्चित लाभ मिलेगा।* इसकी छाल से प्राप्त का़ढे से घाव को धोने से यह उसे शीघ्रता से भरने (हीलिंग) का भी काम करता है।* बवासीर से संबंधित समस्या में भी इसके तेल को गुदा में रुई में भिगोकर रखने मात्र से लाभ मिलता है।(नोट – इसे कई औषधियों के साथ मिलाकर चिकित्सक के निर्देशन में ही लेना उपयोगी होता है।)

LEAVE A REPLY