बेंगलूरु। वर्तमान राजस्व मंत्री कागोडु तिम्मप्पा और पूर्व कांग्रेसी मंत्री बाबूराव चिंचनसूर ने राज्यसभा के सदस्यों के चुनाव के लिए शुक्रवार को हुए मतदान के दौरान भारी गलती कर दी। उनकी गलती के कारण काफी देर तक अफरा-तफरी और अनिश्चितता का माहौल बना रहा। इन दोनों ने अपनी पहली और दूसरी पसंद के प्रत्याशियों के नाम गलत अंकित कर दिए। इस गलती का उन्हें तब अहसास हुआ, जब पार्टी के पोलिंग एजेंट ने उन्हें उनकी गलती की जानकारी दी। इसके बाद दोनों ने तत्काल अतिरिक्त खाली बैलट पेपर पर सही प्रत्याशियों को अपने वोट डाले, जिन्हें पार्टी ह्विप के निर्देश के मुताबिक उनका समर्थन मिलना चाहिए था। वहीं, जनता दल (एस) के नेता एचडी रेवन्ना ने उन्हें दो-दो बैलट पेपर दिए जाने के खिलाफ विधानसभा सचिव मूर्ति को तत्काल शिकायत दर्ज करवा दी, जो राज्यसभा चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी भी थे। जनता दल (एस) के राज्यसभा प्रत्याशी बीएम फारूकी ने भी इस बारे में शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद जनता दल (एस) के पोलिंग एजेंटों ने कांग्रेसी विधायकों को दो-दो बैलट पेपर दिए जाने के खिलाफ क़डा असंतोष जताया, जिससे चुनाव स्थल पर दोनों पार्टियों के एजेंटों के बीच तू-तू, मैं-मैं की हालत बन गई। इस मौखिक कहा-सुनी के दौरान शिकायत दर्ज करवाने वाले रेवन्ना ने चुनाव अधिकारियों पर कांग्रेस के एजेंटों की तरह बर्ताव करने का आरोप लगाते हुए मांग की कि वह निष्पक्ष चुनाव अधिकारियों की तरह काम करें। इसके साथ ही रेवन्ना ने पीठासीन अधिकारी को बदलने की मांग भी रख दी। वहीं, फारूकी ने चुनाव आयोग में लिखित शिकायत दाखिल कर कांग्रेस विधायक चिंचनसूर को दूसरा बैलट पेपर देने के खिलाफ आपत्ति जताई। उधर, कांग्रेस के विधान परिषद एमडी लक्ष्मीनारायण चुनाव स्थल पर महाराष्ट्र एकीकरण समिति (एमईएस) के विधायक संभाजी पाटिल की ओर से राज्यसभा चुनाव में मत डालने पहुंच गए। लक्ष्मीनारायण ने दावा किया कि पाटिल स्वास्थ्य संबंधी कारणों से अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए नहीं आ सके। जनता दल (एस) की आपत्ति के बाद संभाजी पाटिल खुद ही वहां पहुंच गए और उन्होंने अपने मताधिकार का स्वयं ही प्रयोग किया। चुनाव के दौरान एक दुखद घटना भी तब सामने आई, जब पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें झेलते आ रहे बेलुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रुद्रेश गौ़डा अपना मत देते समय अचानक से जमीन पर गिर प़डे। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। बहरहाल, मतदान प्रक्रिया शुरू होने के बाद पहले दो घंटों तक कुछ रुकावटों को दूर कर लिए जाने के बाद यह प्रक्रिया शाम ४ बजे सुचारु रूप से संपन्न हो गई।

LEAVE A REPLY