पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी

इस्लामाबाद/दक्षिण भारत। कश्मीर मामले पर पाकिस्तान का हर दांव नाकाम होने के बाद उसके राष्ट्रपति भी गीदड़भभकी देने पर उतर आए हैं। पाकिस्तानी राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने कहा है कि अनुच्छेद-370 हटाकर भारत आग से खेल रहा है। यही नहीं, अल्वी को भारत की धर्म निरपेक्षता की चिंता भी सताने लगी है। उन्होंने कहा कि भारत के इस कदम से उसकी धर्म निरपेक्षता जलकर खाक हो जाएगी।

अल्वी ने एक साक्षात्कार में भारत के खिलाफ जमकर जहर उगला। इस दौरान उन्होंने अनुच्छेद-370 का मुद्दा खूब उछाला और भारत सरकार की नीति पर सवाल भी उठाए। अल्वी ने दावा किया कि इससे कश्मीर के हालात में सुधार नहीं लाया जा सकता।

पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने आतंकवाद के लिए अपने मुल्क के बजाय भारत को जिम्मेदार ठहरा दिया। उन्होंने कहा कि असल में भारत ने संवैधानिक परिवर्तन के माध्यम से कश्मीर में आतंकवाद को प्रोत्साहन दिया है। उन्होंने आतंकवाद में पाकिस्तान की भूमिका से इनकार किया।

चूंकि कई दशकों बाद कश्मीर मामले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक हुई, लेकिन उसकी ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया। इससे पाकिस्तान के अरमानों पर पानी फिर गया। क्या पाक इससे निराश है? इस पर अल्वी ने यह कहकर संतोष जताया कि इस मामले पर काफी विचार विमर्श किया गया और बहुत समय बाद यह फिर अंतरराष्ट्रीय मंच से उठाया गया।

अल्वी ने कहा कि भारत-पाक के बीच 1972 के शिमला समझौते के बाद काफी समय गुजर गया है। उन्होंने भारत पर आरोप लगाया कि उसने कश्मीर मामले पर सुरक्षा परिषद के कई प्रस्तावों की उपेक्षा की है। अल्वी ने पाकिस्तान को विवादों के समाधान का इच्छुक बताते हुए कहा कि भारत उसके साथ बैठकर इस दिशा में काम करने से इनकार करता है। उन्होंने कहा, ‘यह कब तक चलेगा?’

इस साक्षात्कार में अल्वी ने पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद का तो कहीं जिक्र नहीं किया, लेकिन कश्मीर मामले पर भारत के रुख पर कहा कि यह चल नहीं पाएगा। उन्होंने इस बात को दोहराया कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों से कश्मीर मामले को हवा देता रहेगा।

अल्वी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि पुलवामा जैसी घटना फिर हो सकती है। उन्होंने इसके लिए भी भारत को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इसके बाद पाकिस्तान पर फिर हमला हो सकता है। अल्वी ने कहा कि उनका मुल्क युद्ध शुरू नहीं करना चाहता। वहीं, बचाव को खुद का अधिकार बताया। पूरे साक्षात्कार में पाकिस्तानी राष्ट्रपति उन्हीं बातों को दोहराते नजर आए जो अब तक उनके मुल्क के प्रधानमंत्री, सैन्य अधिकारी और नेता कहते रहे हैं।