Nawaz Sharif
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लाहौर/भाषा। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ मंगलवार को उपचार के लिए एयर एम्बुलेंस से लंदन रवाना हो गए। लाहौर उच्च न्यायालय ने कई रोगों से ग्रस्त शरीफ को चार हफ्तों के लिए विदेश जाने की इजाजत दी थी और इमरान खान सरकार की क्षतिपूर्ति बांड पर हस्ताक्षर करवाने की शर्त को खारिज कर दिया था।

शरीफ (69) के साथ उनके छोटे भाई शहबाज शरीफ और उनके चिकित्सक अदनान खान भी गए हैं। उनके लिए अत्याधुनिक एयर एम्बुलेंस दोहा से मंगवाई गई थी, उसी में सवार होकर वह कतर से लंदन रवाना हुए। पीएमएलएन की प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने बताया कि शरीफ को इलाज के लिए लंदन के हार्ले स्ट्रीट क्लिनिक ले जाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर बोस्टन (अमेरिका) भेजा जाएगा।

उन्होंने बताया कि रवाना होने से पहले चिकित्सकों ने लाहौर के जटी उमरा स्थित आवास पर शरीफ की जांच की और यात्रा के दौरान उनकी हालत स्थिर बनाए रखने के लिए उन्हें स्टीरॉयड तथा दवाइयों के भारी डोज दिए। एयर एम्बुलेंस में गहन चिकित्सा इकाई और शल्य चिकित्सा कक्ष स्थापित किए गए हैं। इसमें चिकित्सक और उनके सहायक भी मौजूद रहेंगे।

इमरान खान सरकार ने नवाज शरीफ को इलाज कराने के लिए ब्रिटेन जाने के वास्ते 700 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति बॉन्ड जमा कराने की शर्त रखी थी। शरीफ ने इमरान खान सरकार की मांग मानने से बुधवार को इनकार कर दिया था और कहा था कि यह ‘गैरकानूनी’ है।

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के प्रमुख ने कहा था कि यह प्रधानमंत्री खान द्वारा राजनीतिक लाभ के लिए उन्हें इस्तेमाल करने के लिए फंसाने का एक तरीका है। शरीफ ने सरकार की इस मांग को अदालत में चुनौती दी थी। लाहौर उच्च न्यायालय ने इमरान खान सरकार की बांड जमा करने की शर्त को दरकिनार करते हुए शरीफ को इलाज के वास्ते चार सप्ताह के लिए विदेश जाने की अनुमति दी थी।

शरीफ प्लेटलेट कम होने समेत स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न जटिलताओं से जूझ रहे हैं। उनका इलाज अब तक उनके घर में चल रहा था। अदालत ने इमरान खान सरकार को शरीफ का नाम ‘नो फ्लाई’ सूची से हटाने का भी आदेश दिया था। उच्च न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि चिकित्सकों की सिफारिशों के आधार पर विदेश में रहने की उनकी चार हफ्ते की अवधि बढ़ाई जा सकती है।

गौरतलब है कि अल-अजीजिया मिल्स भ्रष्टाचार मामले में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने चिकित्सा आधार पर शरीफ को हाल ही में आठ सप्ताह की जमानत दे दी थी। इस मामले में शरीफ को सात साल कैद की सजा सुनाई गई थी। धन शोधन मामले में भी उन्हें जमानत मिल गई थी।

पहले उन्हें पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के विमान से रविवार को ही लंदन के लिए रवाना होना था लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया क्योंकि उनका नाम ‘नो फ्लाई सूची’ में था।